तीन माह में जनता बनी ‘बिजली प्रहरी’, वी-मित्र से खुली चोरी की पोल, 15 जिलों में ऐप ने पकड़ा चोरी का करंट, 3 लाख से ज्यादा इनाम बांटा
बालमीक पांडेय @ कटनी. बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनी ने तीन माह पहले नया तरीका इजाद किया। ‘वी-मित्र’ एप सिस्टम लागू किया गया, जिसके जरिए अब आम लोग सीधे और गोपनीय रूप से बिजली चोरी की जानकारी विभाग तक पहुंचा रहे हैं। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 15 जिलों के 52 लाख उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी गई है। 1 जून से अब तक 4,390 बिजली चोरी की सूचनाएं एप पर प्राप्त हुईं। विभाग ने शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इसमें से 988 शिकायतें सही पाई गईं और 949 मामलों में पंचनामा बनाकर कानूनी कार्रवाई की गई। बिजली चोरी पकडऩे के बाद विभाग ने कुल 13.41 करोड़ की बिलिंग की, साथ ही सही सूचना देने वाले 949 शिकायतकर्ताओं को 3 लाख 74 हजार 545 रुपए बतौर इनाम दिए गए। लोग अबतक मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले जबलपुर, उमरिया, छिंदवाड़ा, सतना, छतरपुर, कटनी, नरसिंहपुर, डिंडौरी, सिंगरौली, पन्ना, सागर, टीकमगढ़, दमोह, बालाघाट सीधी जिले की शिकायतें कर चुके हैं। वी-मित्र एप कंपनी का एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे बिजली चोरी, अवैध कनेक्शन और मीटर छेड़छाड़ जैसी विद्युत अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए बनाया गया है।
विभाग ने नियम बनाया है कि सही सूचना देने पर शिकायतकर्ता को अधिकतम 50,000 तक का इनाम दिया जाएगा। इससे आम लोगों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। बिजली चोरी की शिकायत करने पर जांच के दौरान मीटर बायपास मिलने पर 500 रुपए का इनाम, एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में बिजली ले जाने पर 500 रुपए, डायरेक्ट चोरी की शिकायत पर 500 रुपए, लोड बढ़ा मिलने पर 100 प्रति किलोवाट इनाम, औद्योगिक प्रयोजन की में लोड बढ़ा मिलने पर 100 रुपए प्रति किलोवाट, गलत रीडिंग की सूचना पर 100 रुपए इनाम सहित अन्य प्रकार की चोरी पाए जाने पर विभाग द्वारा इनाम दिया जा रहा है।
बिजली चोरी के मामले में यदि मीटर बायपास मिलता है व लोड बढ़ा होने के साथ अलग बिल्डिंग में कनेक्शन पाए जाने पर लाइनमैन पर पेनाल्टी के साथ हटाने तक की कार्रवाई होगी। इसी प्रकार क्षेत्रीय जेई पर पेनाल्टी का प्रावधान तय किया गया है।
बिजली चोरी व लाइन लॉस को रोकने के लिए विभाग द्वारा भी छापेमार कार्रवाई की जा रही है। विजलेंस टीम भी दबिश देकर प्रकरण बना रही है। अप्रेल माह से लेकर अबतक विभाग ने 4 हजार 679 बिजली चोरी पकड़ी है, जिसमें 13 करोड़ रुपए की बिलिंग की गई है।
कटनी जिले में 3 लाख 12 हजार बिजली के उपभोक्ता हैं, इसमें शहर के 91 हजार 700 शामिल हैं। दो माह पहले शुरू हुई वी-मित्र योजना के तहत आम लोगों ने एप के माध्यम से 215 लोगों ने बिजली चोरी की सूचनाएं दी हैं। इनमें से 189 चोरी पकड़ी गईं और चोरी पकड़वाने वाले 26 लोगों को 13300 रुपए इनाम मिल चुका है।
यह है प्रदेश में बिजली चोरी के शिकायत व कार्रवाई की स्थिति
जिला शिकायत कार्रवाई रिवार्ड इनाम राशि
जबलपुर 256 17 16 7625
उमरिया 41 35 35 18950
छिदवाड़ा 258 56 55 27780
सतना 253 99 92 44515
छतरपुर 210 21 19 8810
कटनी 215 26 26 12300
नरसिंहपुर 188 50 47 3720
डिंडौरी 181 39 39 11335
सिंगरौली 138 32 31 14985
पन्ना 110 07 07 3500
सागर 106 98 07 3500
टीकमगढ़ 112 08 07 3500
दमोह 138 31 29 14070
बालाघाट 85 08 08 2200
वर्जन
विभाग द्वारा बिजली चोरी पकडऩे के लिए लगातार जांच-कार्रवाई हो रही है। विभाग द्वारा वी-मित्र एप भी चलाया जा रहा है, जिसमें भी लोग सूचना दे रहे हैं। शिकायत सही पाए जाने पर पर विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही व सूचनाकर्ता को इनाम सीधे खाते में मिल रहा है।
मुकेश मोहबे, डीई।