कटनी

माधवनगर के रॉबर्ट लाइन कन्या विद्यालय में बनवाया जा रहा सार्वजनिक शौचालय, कब्जों से बिगड़ी व्यवस्था

कई बार स्कूल प्रभारी व डीपीसी ने लिखा पत्र, नगर निगम के अधिकारियों ने किया नजअंदाज, शिक्षा के मंदिर में अतिक्रमण का खेल व मनमानी का खेल,छात्र-छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़, जनप्रतिनिधियों को भी नहीं कोई सरोकार

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Apr 08, 2026
Encroachment in government school

कटनी. माधवनगर स्थित शासकीय कन्या विद्यालय में जो हालात सामने आए हैं, वे पूरे सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही की पोल खोलते हैं, छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा को दरकिनार कर स्कूल परिसर में अतिक्रमण और सार्वजनिक शौचालय निर्माण जैसे फैसले यह सवाल खड़े करते हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किसके हित में काम कर रहे हैं, बच्चों के या अव्यवस्था के...। जिस विद्यालय में बच्चों और खासकर छात्राओं को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, वही आज लापरवाही और अतिक्रमण का शिकार बन गया है। शहर के माधवनगर स्थित रॉबर्ट लाइन के शासकीय कन्या माध्यमिक शाला का हाल बदहाल है, जहां पढ़ाई और खेल अब महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं।
सबसे गंभीर मामला यह है कि स्कूल परिसर के भीतर ही नगर निगम द्वारा सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन द्वारा बार-बार विरोध और लिखित शिकायतों के बावजूद नगर निगम के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। स्कूल प्रभारी ने आयुक्त नगर निगम, डीपीसी और डीईओ तक को पत्र लिखकर समस्या बताई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चुप्पी मिली। अब स्थिति यह है कि शौचालय का निर्माण आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है।

अतिक्रमण से सिमट गया मैदान

केवल शौचालय ही नहीं, बल्कि स्कूल परिसर में टपरे रखकर भी अतिक्रमण किया गया है। बाहरी लोगों की आवाजाही बढऩे से स्कूल का वातावरण प्रभावित हो रहा है। बच्चों का खेल मैदान सिमटता जा रहा है, जिससे खेल गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। यह स्थिति छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर सीधा असर डाल रही है।

400 छात्राएं और 100 हॉस्टल छात्राएं प्रभावित

विद्यालय में 400 से अधिक छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं, जबकि करीब 100 बच्चियों का हॉस्टल भी यहीं संचालित है। ऐसे में बाहरी लोगों की मौजूदगी और असुरक्षित माहौल छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा बन गया है। अभिभावकों में भी इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ रही है।

जिम्मेदारों की चुप्पी, जनप्रतिनिधि भी मौन

हैरानी की बात यह है कि नगर निगम, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस पूरे मामले में मौन साधे हुए हैं। जनप्रतिनिधियों की भी इस गंभीर मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सवाल यह उठता है कि विकास के नाम पर छात्राओं के स्कूल परिसर में सार्वजनिक शौचालय बनवाना आखिर कितनी समझदारी है? यह मामला केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता का उदाहरण बनता जा रहा है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में यह स्थिति और भयावह हो सकती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे और छात्राओं के हित में ठोस कदम उठाएंगे।

वर्जन

स्कूल परिसर में यदि अतिक्रमण है तो उसे तत्काल हटवाया जाएगा। स्कूल परिसर में प्रसाधन के निर्माण की भी जानकारी ली जाएगी। बच्चों को समस्या न हो यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

तपस्या परिहार, आयुक्त नगर निगम।

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Published on:
08 Apr 2026 09:14 am
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