पिपरिया सहलावन की फिजा में घुली केसर की महक, बाड़ी में बागवानी कर किसान ने किया केसर का उत्पादन, अब आने लगी अच्छी फसल।
कटनी/ परंपरागत खेती के साथ-साथ अगर बागवानी भी मन लगाकर की जाए, तो लोग लाखों की फसल कम जगह में उपज कर सकते हैं। ऐसी ही एक पहल ढीमरखेड़ा तहसील के पिपरिया सहलावन निवासी सुरेंद्र साहू ने की, जिन्होंने ठंड के दिनों में अपनी बाड़ी के छोटे से हिस्से में केसर के बीज रोपकर उसकी उपज तैयार की है।
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क्या कहते हैं किसान?
इस बारे में सुरेंद्र साहू ने बताया कि, उन्हें शुरू से ही बागवानी का शौक था, जो अमेरिकन केसर के बीज हरियाणा से मंगवाकर अक्टूबर माह में सैंपल के रूप में इसके लगभग पचास पौधे रोपे थे, जिसके फूलों को चुनकर वर्तमान में सौ ग्राम केशर का उत्पादन कर लिया है। वहीं, उन्हीं पौधों में अभी फिर फूल आने शुरू हो गए हैं, जिससे आगे भी इसकी अच्छी पैदावार होने का अनुमान है।
लाखों रुपये किलो है शुद्ध केसर का भाव
इसका उपयोग दवा और स्वास्थ के लिए फायदेमंद होने के चलते शुद्ध केसर के भाव बाजार में लाखों रुपए प्रति किलो तक आंके जाते हैं। फिलहाल, अभी उन्हें इसके खरीदार की तलाश है।
क्या कहते हैं जानकार?
इस बारे में ढीमरखेड़ा उद्यानिकी विभाग अधिकारी आरपी गौतम ने बताया कि, ढीमरखेड़ा क्या कटनी जिले में कहीं भी केशर के उत्पादन की जानकारी अभी तक हमें नहीं है, वास्तव में ये नई किस्म है, हम निश्चित ही उनके यहां आकर इसे देखेंगे और अपने विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर इसकी कीमत का पता लगाकर उपज का विक्रय करवाने का भी प्रयास करेंगे। अन्य किसान भी इसे लगाएं ये एक प्रभावी पहल होगी।