
कटनी. कृषि उपज मंडी पहरुआ में धान की आवक शुरू होते ही किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि मंडी में धान लाने के बाद भी बोली की प्रक्रिया में उनका नंबर तीन-चार दिन बाद ही आता है, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से इंतजार करना पड़ता है। मंडी प्रशासन द्वारा दोपहर 1 बजे से बोली की प्रक्रिया शुरू की जाती है, जो शाम 4 बजे तक चलती है। समय की कमी के कारण कई किसानों की बारी ही नहीं आ पाती, जिससे किसानों को मंडी में अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने में कठिनाई हो रही है। इस दौरान कुछ कर्मचारियों पर किसानों से एक रुपए प्रति बोरी शुल्क वसूलने और प्राइवेट खरीदी के लिए दो रुपए प्रति बोरी तक वसूली करने के भी आरोप लगे हैं।
प्राइवेट खरीद का बढ़ रहा चलन
इन अनियमितताओं के चलते कई व्यापारी मंडी की बोली प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेकर प्राइवेट खरीद की ओर रुख कर रहे हैं। प्राइवेट खरीद के कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और वे आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
किसानों ने आरोप लगाया है कि मंडी प्रांगण में प्रशासनिक लापरवाही और अनियमितताओं के चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर किसानों ने कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री, और कटनी कलेक्टर को पत्र लिखकर समस्या के समाधान की मांग की है।
बोली का समय बढ़ाने का सुझाव
किसानों का सुझाव है कि बोली प्रक्रिया सुबह 11 बजे से शुरू कर शाम 5.30 बजे तक की जाए, जिससे सभी किसानों की उपज का उचित मूल्य पर विक्रय हो सके। इसके अलावा, मंडी प्रशासन से बोली व्यवस्था में सुधार करने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की गई है। किसानों ने मंडी के उच्च अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्यवाही करने मांग की है।
वर्जन
मंडी में समय पर किसानों की डाक क्यों नहीं हो पा रही है, इस संबंध में जांच कराई जाएगी। यहां पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
प्रदीप मिश्रा, एसडीएम।