स्कूल पहुंचे बच्चों के माता-पिता, देखा कैसे होती है हमारे बच्चों की पढ़ाई, शिक्षा को रोचक बनाने के लिए गतिविधियों का संचालन
जिले में शनिवार को सभी 1284 प्राथमिक स्कूलों में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों की भाषा एवं गणितीय दक्षता को मजबूत करना और शिक्षा को खेल एवं गतिविधियों के माध्यम से रोचक बनाना था। यह मेला राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू की गई ‘निपुण भारत मिशन’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका लक्ष्य कक्षा 3 तक के सभी बच्चों को बुनियादी साक्षरता और गणन कौशल प्रदान करना है। कटनी जिले के सभी कटनी, रीठी, बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा, बड़वारा, विजयराघवगढ़ ब्लॉकों में आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक शामिल हुए।
विकासखंड बड़वारा के कई प्राथमिक स्कूलों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्राथमिक विद्यालय लखाखेरा, प्राथमिक विद्यालय बजरवारा और सीएम राइज बड़वारा में शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया बीआरसीसी बड़वारा सुबरण सिंह राजपूत, विकासखंड शिक्षा अधिकारी जतिन लाहोरिया, निपुण प्रोफेशनल शैलजा तिवारी, भोपाल से प्रथम संस्था की साक्षी अग्निहोत्री और दीपिका रजक इन सभी ने एफएलएन मेले का जायजा लिया। अभिभावकों से चर्चा की और बच्चों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया। मेले में विद्यार्थियों के लिए कई रोचक एवं शिक्षाप्रद गतिविधियां आयोजित की गईं, जिससे वे सीखने की ओर आकर्षित हुए। बता दें कि जिले में 2024 में दो मेलों का आयोजन हुआ था। इस साल का भी दूसरा है। जनवरी में पहला चरण व दूसरा चरण शनिवार को आयोजित हुआ है। हालांकि मार्च का आखरी सप्ताह होने व अभिभावकों के कटाई, महुआ बीनने आदि के कार्य से जाने के कारण अभिभावकों की कम भागीदारी रही।
निपुन प्रोफेशनल शैलजा तिवारी ने बताया कि एफएलएन मेला का उद्देश्य बच्चों में प्रारंभिक शिक्षा की नींव को मजबूत करना है। यह मेला खासतौर पर कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जाता है, जिसमें उनकी पढऩे, लिखने और गणित समझने की क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां करवाई जाती हैं। एफएलएन मेले की मुख्य विशेषताए हैं कि शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाने के लिए इंटरएक्टिव सत्र, खेल-खेल में गणितीय और भाषाई दक्षता का विकास, विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों की सहभागिता सुनिश्चित करना, बच्चों के लर्निंग आउटकम को सुधारने पर जोर देना है।
भाषा गतिविधि: शब्द पहचान खेल, छोटे बच्चों के लिए वर्णमाला एवं शब्दों की पहचान से जुड़ी गतिविधियां।
कहानी सुनाना एवं सुनना: बच्चों ने अपनी कल्पना से कहानियां सुनाईं और सुनीं
चित्र वर्णन: बच्चों को एक चित्र दिया गया, जिस पर उन्होंने अपने विचार लिखे
संख्याओं का खेल: गिनती, जोड़-घटाव और पहेलियाँ हल करने की गतिविधियाँ
गणितीय पहेलियां: बच्चों ने चित्रों और वस्तुओं की सहायता से गणितीय समस्याओं को हल किया
बेसिक ज्यामिति: आकृतियों और उनके प्रयोग को रोचक तरीकों से सिखाया गया
शिक्षाप्रद खेल: विभिन्न प्रकार के खेलों के माध्यम से गणित और भाषा की समझ बढ़ाई गई।
ग्रुप एक्टिविटीज: बच्चों को समूह में काम करके सीखने के लिए प्रेरित किया गया
डीपीसी केके डेहरिया के अनुसार एफएलएन मेला बच्चों की पढऩे और लिखने की रुचि में वृद्धि हुई। गणित की बुनियादी अवधारणाओं को रोचक तरीके से समझने का मौका मिला, अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में सहयोग देने का अवसर मिला, बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने के प्रति रुचि बढ़ी। मेले में भाग लेने वाले अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की और इसे बच्चों के लिए बेहद उपयोगी बताया। बजरवारा में अभिभावक ने कहा कि मेरे बच्चे को पढ़ाई में रुचि कम थी, लेकिन इस मेले में उसे नई चीजें सीखने का मौका मिला। अब वह खुद से किताबें पढऩे की कोशिश कर रहा है। सीएम राइज बड़वारा के एक अभिभावक अजय राय ने कहा कि इस तरह के आयोजन जरूरी हैं क्योंकि इससे हमें भी समझ आता है कि बच्चों को किस तरह सिखाया जा सकता है। हम अब घर पर भी उनकी मदद कर पाएंगे।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी जतिन लाहोरिया ने कहा कि एफएलएन मेला शिक्षा में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें बच्चों को पढ़ाई के प्रति उत्साहित करना होगा, और इस तरह के मेले इसमें सहायक होते हैं। बीआरसीसी बड़वारा, सुबरण सिंह राजपूत ने कहा हमारा उद्देश्य बच्चों को मजेदार तरीके से पढ़ाई से जोडऩा है। यह पहल भविष्य में और भी बड़े स्तर पर की जाएगी। कार्यक्रम ने यह साबित किया कि शिक्षा को रोचक और व्यावहारिक बनाकर बच्चों के लर्निंग आउटकम को बेहतर किया जा सकता है।