कटनी

एमपी के इस जिले में 70 हजार महिलाएं बहा रहीं आंसू, केंद्र सरकार की इस योजना में सामने आई बड़ी बेपरवाही

- धुएं के कारण महिलाओं की खराब होने वाली आंखों को बचाने, महिलाओं को स्वस्थ रखने और जंगलों को उजडऩे से बचानें के लिए केंद्र सरकार द्वारा 'उज्जवला' योजना चलाई जा रही है। - ताज्जुब की बात तो यह है कि अबतक जिले में 70 हजार महिलाएं धुएं के बीच मिट्टी के चूल्हे में आंसू बहाते हुए लकड़ी जलाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन अबतक हितग्राहियों को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं करा पाया। - गैस कनेक्शन वितरण के लिए न तो विभाग रुचि दिखाया और ना ही जिला प्रशासन। हितग्राही ग्राम पंचायत, खाद्य विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अबतक समस्या का समाधान नहीं हुआ।

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Aug 09, 2019
पांच दिन चलेगा अभियान 30 गांव में एक भी गरीब परिवार नहीं रहेगा बिना गैस-चूल्हा

कटनी. धुएं के कारण महिलाओं की खराब होने वाली आंखों को बचाने, महिलाओं को स्वस्थ रखने और जंगलों को उजडऩे से बचानें के लिए केंद्र सरकार द्वारा 'उज्जवला' योजना UJJWALA YOJNA चलाई जा रही है। ताज्जुब की बात तो यह है कि अबतक जिले में 70 हजार महिलाएं धुएं के बीच मिट्टी के चूल्हे में आंसू बहाते हुए लकड़ी जलाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। खाद्य विभाग food department और जिला प्रशासन अबतक हितग्राहियों को उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन gas connection उपलब्ध नहीं करा पाया। गैस कनेक्शन वितरण के लिए न तो विभाग रुचि दिखाया और ना ही जिला प्रशासन। हितग्राही ग्राम पंचायत, खाद्य विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अबतक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिले में यदा-कदा कुछ एजेंसियों के माध्यम से कनेक्शन बांटकर औपचारिकता पूरी की जा रही है। बता दें कि एसीसी डाटा में गैस कनेक्शन के लिए नाम, अंत्योदय कार्डधारी, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही, हरिजन-आदिवासी, वनवासी को एक साल पहले ही गैस कनेक्शन दे दिए जाने थे, लेकिन जिले के हजारों हितग्राही मोदी सरकार की बड़ी योजना से वंचित हैं।

यह है स्थिति
विभागीय आंकड़ों की बात करें तो वे भी हैरान करने वाले हैं। जिले में 22 गैस एजेंसियों के माध्यम से एक लाख 84 हजार 851 परिवारों के केवायसी गैस कनेक्शन के लिए फीड किए गए हैं। एक लाख 53 हजार 889 हितग्राहियों के आवेदन भी स्वीकार कर लिए गए हैं, लेकिन अभी तक महज एक लाख 45 हजार 140 लोगों को ही गैस कनेक्शन मुहैया कराए गए हैं। यह स्थिति 30 जुलाई की स्थिति में खाद्य विभाग की है।

खास-खास:
- विभागीय अधिकारियों का तर्क, कहीं हितग्राही गांव में नहीं मिल रहा तो कोई पहले से लिया चुका हे गैस कनेक्शन।
- पात्र परिवारों के घर में वयस्क महिला नहीं मिलने से उज्जवला योजना में लाभान्वित करने आ रही अड़चन।
- केवायसी जमा होने के बाद भी 39 हजार 675 परिवार उज्जवला योजना से वंचित, विभाग नहीं दे रहा ध्यान।
- खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों व जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा सही मॉनीटरिंग न किए जाने से परिवार वंचित।

इस पहल से समाधान
उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को धुएं से निजात दिलाने के लिए विभाग एक और तैयारी कर रहा है। ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायक नोडल अधिकारी बनाए जाएंगे। ये गांव में हितग्राहियों की लिस्ट तैयार कर फूड इंस्पेक्टर के पास फॉर्म जमा करेंगे। फूड इंस्पेक्टर के माध्यम से गैस एजेंसी वाले ऑनलाइन फीडिंग कर गैस कनेक्शन मुहैया कराने का काम करेंगे। 25 अगस्त तक फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया चलेगी और 10 सितंबर के अंदर सभी को कनेक्शन मुहैया कराए जाएंगे।

इनका कहना है
अभी जिले में 70 हजार के लगभग परिवार को गैस कनेक्शन दिए जाने शेष हैं। इसके लिए विशेष तैयारी की जा रही है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से फॉर्म जमा कराकर 10 सितंबर के पहले तक सभी को गैस कनेक्शन दिलाएं जाएंगे।
पीके श्रीवास्व, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।

Published on:
09 Aug 2019 11:38 am
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