Fraud in name of giving loan
कटनी. एनकेजे थाना क्षेत्र के जुहली मोड़ स्थित पाठक बिल्डिंग में वर्ष 2022 से सत्य काम फाउंडेशन चिंडफंड कंपनी चल रही है। कंपनी पर आरोप लगा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की है। यह ट्रस्ट विभिन्न जिलों व राज्यों के बेरोजगार युवाओं को ठगने के बाद फरार हो गई है। यह आरोप दर्जनों की संख्या में पीडि़तों ने कलेक्टर, एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाए हैं। जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संतोष कुमार यादव निवासी रोहनिया जिला पन्ना ने बताया कि उनके साथ ठगी की गई है। 15 से 20 महिलाओं का समूह बनाकर रोजगार देने की बात कही गई थी। इसके लिए 32 हजार रुपए जमा कराए गए थे। 18 माह में वापस करने कहा गया था। बंधन बैंक में रुपए जमा करा लिए, सुरक्षा निधी भी नहीं लौटाई। कर्मचारियों को कई माह से वेतन भी नहीं दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि एनकेजे थाने में कई बार शिकायत की गई, लेकिन आजतक सुनवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह ट्रस्ट मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, राजस्थान, उड़ीसा और उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरी का झांसा देकर सुरक्षा निधि के नाम पर लाखों रुपए वसूल चुका है। नौकरी के विज्ञापन जारी किए गए। महिलाओं से समूह लोन के काम के लिए भर्ती की गई। संभाग, जिला, तहसील, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर नियुक्तियों की पेशकश की गई। सुरक्षा निधि के रूप में मोटी रकम जमा करवाई गई। संभाग स्तर पर 75 हजार, जिला स्तर पर 74 हजार, तहसील स्तर पर 49 हजार, ब्लॉक स्तर पर 32 हजार, पंचायत स्तर पर 20 हजार 500 रुपए सुरक्षा निधी जमा कराई गई है। चिंटफंड कंपनी के संचालकों ने 15 से 20 महिलाओं का समूह बनाकर हर एक महिला से साप्ताहिक बचत कराकर 6 से 18 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने का सब्जबाग दिखाया गया था। फिलहाल, ट्रस्ट का कटनी स्थित कार्यालय बंद पड़ा है और संचालक फरार हैं।
आत्महत्या करने होंगे विवश
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कटनी में पांच दिवसीय प्रशिक्षण भी कराया गया। मासिक वेतन और पीएफ काटने का झूठा वादा किया गया। पैसा वापस मांगने पर गाली-गलौज और धमकियां दी गईं। दर्जनों लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और जनसुनवाई में शिकायत दर्ज करवाई। एएसपी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि ठगी के कारण वे कर्ज में डूब गए हैं और पैसा मांगने वाले उनके घर आकर विवाद कर रहे हैं। अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास के सामने धरना देने की चेतावनी भी दी है। पीडि़तों ने प्रशासन और पुलिस से ट्रस्ट संचालकों अजय कुमार और अखिलेश केवट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने मांग की है।
वर्जन
नौकरी में भर्ती करने के बाद सुरक्षा निधी 30-40 लोगों से जमा कराई गई थी। काम के लिए नियुक्त करते हुए समूह बनाने का काम दिया गया था। कई लोग अब काम नहीं कर रहे हैं। कंपनी के खिलाफ शिकायत की है। इसकी जांच कराई जा रही है। शहर में अन्य चिटफंड कंपनियों की जांच कराई जाएगी।
संतोष डेहरिया, एएसपी।