कटनी

जिला प्रशासन की सख्ती: संयुक्त जांच दल की बड़ी कार्रवाई, कांटी वेयरहाउस से 5070 बोरी धान जब्त

2 हजार 28 क्विंटल का मनमाने तरीके से किया गया था भंडारण, मंडी अधिनियम के तहत वेयरहाउस संचालक पर 2.49 लाख का लगाया गया जुर्माना
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Dec 07, 2025
Illegal paddy seized from warehouse in katni
Illegal paddy seized from warehouse in katni

कटनी. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पूर्व ही जिलेभर में अवैध धान के भंडारण, परिवहन व खरीद-फरोख्त करने वालों पर शिकंजा कसने प्रशासन की कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी है। इसी क्रम में संयुक्त जांच दल ने विजयराघवगढ़ के ग्राम कांटी के मारूति वेयरहाउस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5070 बोरियों में भरे 2,028 क्विंटल अवैध धान पकडकऱ मंडी अधिनियम के तहत 2,49,444 रुपए का जुर्माना लगाया है।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर राजस्व विभाग, कृषि विभाग, खाद्य विभाग और कृषि उपज मंडी की टीम ने मारूति वेयरहाउस पर अचानक छापामार कार्रवाई की। निरीक्षण में पाया गया कि वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में धान का भंडारण किया जा चुका था, जबकि कृषकों के प्रमाण-पत्र, बी-1, गिरदावरी, आधार आदि आवश्यक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच में खुलासा हुआ कि धान समर्थन मूल्य खरीदी की तिथि से पहले ही बड़े पैमाने पर भंडारित किया जा रहा था, जो कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972, कृषि गोदाम अधिनियम 1947 तथा भंडागारण (विकास व विनियम) अधिनियम 2007 के स्पष्ट उल्लंघन में पाया गया।

समर्थन मूल्य खरीदी के पहले भंडारण संदिग्ध माना जाएगा

मारूति वेयरहाउस संचालक कमल साहू इन निर्देशों का पालन नहीं कर सके। जांच में अवैध भंडारण सिद्ध हुआ, जिसके चलते 2,028 क्विंटल धान पर जुर्माना लगाया गया। 2.49 लाख की दाण्डिक राशि 7 दिन में जमा करने के निर्देश दिए गए। दाण्डिक मंडी शुल्क 2 लाख 7 हजार 870 रुपए, दाण्डिक निराश्रित सहायता राशि 41 हजार 574 रुपए तय की गई। निर्देश दिए गए हैं कि उक्त राशि 7 दिनों में मंडी कार्यालय में जमा की जाए, अन्यथा इसे भू-राजस्व की तरह वसूला जाएगा।

बाकल में 1500 क्विंटल धान की निकासी पर रोक

संयुक्त जांच दल ने बाकल स्थित समर्थ ट्रेडर्स के गोदाम का निरीक्षण किया, जहां लगभग 1500 क्विंटल धान भंडारित पाया गया। कलेक्टर तिवारी ने इस धान की निकासी पर 20 जनवरी तक प्रतिबंध लगाया है। गोदाम प्रोप्राइटर शैलेंद्र जैन को कठोर निर्देश दिए गए हैं कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की निकासी न करें। निरीक्षण दल में शामिल अधिकारी
नायब तहसीलदार आकाशदीप नामदेव, सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला, मंडी निरीक्षक प्रशांत मौर्य, सुधीर त्रिपाठी शामिल रहे।

जिला प्रशासन की नजर बेहद पैनी

कलेक्टर आशीष तिवारी हर अवैध गतिविधि पर सतत निगरानी रखे हुए हैं और साफ निर्देश दिए हैं कि किसान हितों से खिलवाड़ करने वाले दलाल, बिचौलिए व व्यापारी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे। जांच दल की इस निरंतर कार्रवाई से जिले में अवैध धान भंडारण करने वालों में हडक़ंप मचा हुआ है।

पिपरिया शुक्ल में अवैध भंडारण की शिकायत पर कार्रवाई

ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम पिपरिया शुक्ल में अवैध धान भंडारण की शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात किसान रामाधार पटेल के घर पर छापा मारा। तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया, जेएसओ वंदना जैन, मंडी इंस्पेक्टर आनंद मिश्रा, कृषि विभाग के अधिकारी, पटवारी और कोटवार की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 800 बोरी धान जप्त किया। छापे के दौरान किसान ने धान को वैध बताते हुए फसल संबंधित दस्तावेज भी दिखाने की बात कही, लेकिन अधिकारियों ने दस्तावेजों की पुष्टि जांच के बाद करने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि बिना सत्यापन के धान को वैध घोषित नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी कई स्थानों पर धान का अवैध भंडारण हो रहा है, जिसकी शिकायत प्रशासन से की गई है। अधिकारियों ने जल्द जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। निधि गौतम एसडीएम ढीमरखेड़ा का कहना है कि पिपरिया शुक्ल में शिकायत के आधार पर तहसीलदार टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और कार्रवाई की गई है। मामले में जांच जारी है। जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धान खरीदी में व्यापारियों और बिचौलियों द्वारा भंडारण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिकायत मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
07 Dec 2025 08:34 pm
Published on:
07 Dec 2025 08:34 pm