कटनी

विजयराघवगढ़ में जगह-जगह खुल गई पैकारी, धड़ल्ले से हो रही शराब की अवैध बिक्री

आबकारी विभाग की अनदेखी और शराब ठेकेदारों की मनमानी
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May 11, 2022
Food License will be Mandatory for Liquor Shops in Uttar Pradesh
Liquor File Photo

कटनी/विजयराघवगढ़. विजयराघवगढ़ क्षेत्र में शराब का अवैध कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। जगह-जगह पैकारियां चल रही हैं। अवैध ठिकानों से खुलेआम शराब बेची जा रही है। आबकारी विभाग की अनदेखी से नगर से लेकर आसपास के गांवों तक शराब का अनाधिकृत कारोबार फल-फूल रहा है। जिम्मेदारों की ढिलाई से लाइसेंसी ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। साठगांठ से चल रहे खेल में पैकारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आसानी से अवैध शराब उपलब्ध होने के साथ क्षेत्र में अराजकता भी बढ़ रही है। नशे की लत वारदातों की वजह भी बन रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। कार्रवाई का शिकंजा नहीं कसने से बेखोफ होकर पैकारियां चलाई जा रही हैं।

ये है स्थिति...
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लाइसेंसी शराब दुकान है विगढ़ थाना क्षेत्र में

16 पैकारियों पर अप्रेल में पुलिस ने कार्रवाई की है

60 से ज्यादा पैकारियां अब भी संचालित हो रही

ठेकेदारों के संरक्षण पर ही काम

क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार में ठेकेदार ही शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार शराब ठेकेदार लाइसेंस की आड़ में क्षेत्र में पैकारियों को संचालित कर रहे हैं। पैकारियों तक शराब की अवैध आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ ढाबों से भी शराब की अवैध बिक्री का खेल चल रहा है। ज्यादा मुनाफा कमाने की लालच में ठेकेदारों ने ही कई जगह पैकारियां खुलवाई हैं। लेकिन इन अवैध ठिकानों से आबकारी विभाग बेखबर है। पुलिस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है।

हर दूसरे दिन एक पैकारी पर छापा

आबकारी विभाग की नजर से पैकारियां भले ही दूर हो, लेकिन पुलिस की नजर शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर बनी हुई है। छापेमारी में हर दूसरे-तीसरे दिन एक पैकारी पकड़ी जा रही है। पुलिस कार्रवाई में लगातार पैकारियों के मिलना क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार के फैलने का इशारा कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विजयराघवगढ़ क्षेत्र में अप्रेल, 2022 में छापेमारी करके 16 पैकारी एवं मई में अभी तक 3 पैकारियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जा चुका है।

न जांच, न कोई कार्रवाई

शराब के अनाधिकृत कारोबार पर निगरानी की जिम्मेदारी आबकारी विभाग पर है। लेकिन विभाग ने क्षेत्र में संचालित पैकारियों पर आंख मूंद रखी है। अवैध शराब के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, और ना ही जांच करके अनाधिकृत कार्य करने वालों पर शिकंजा कसने की कोशिश है। कुछ ठेकेदारों के संरक्षण और आबकारी अधिकारियों की अनदेखी से क्षेत्र में शराब की अवैध खरीद एवं बिक्री की छूट मिल गई है।

पैकारियों पर रोक लगाने की मांग

अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश नहीं लगने से अब किशोर और युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जगह-जगह खुल गई पैकारियों के कारण शराब आसानी से मिल रही है। युवाओं में शराब के नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है। नशा लत से अराजकता और अपराध बढ़ रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने अवैध शराब के कारोबार पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। लोग पैकारियों पर तुरंत कार्रवाई और ठेकेदारों पर शिकंजा कसने की मांग कर रहे हैं।

Published on:
11 May 2022 04:48 pm