'जनसंख्या' रोकेगा 'मिशन परिवार विकास', जिले की प्रजनन दर सामान्य से अधिक, प्रोत्साहन राशि के साथ जिले में लांच किया गया अंतरा इंजेक्शन व छाया टेबलेट
कटनी। जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण के लिए सरकारें की कोशिशें जिले में भले हो रहीं हैं लेकिन जागरूकता की कमी से जनसंख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। जिले में पिछले छह साल में आबादी में लगभग तीन लाख का इजाफा हुआ है। जिसके कारण सरकार ने कटनी जिले को 'मिशन परिवार विकास' में शामिल किया है। वर्ष 2011 की सेंसेस रिपोर्ट के अनुसार जिले की आबादी १२ लाख ९२ हजार ४२ थी जो बढ़कर लगभग १५ लाख के आसपास हो गई है। जिले में प्रति दंपत्ति प्रजनन दर सामान्य २.१ से बढ़कर 3.१ के ऊपर पहुंच गई है। जिसे कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य दिया गया है। परिवार सीमित रखने के लिए तमाम कवायदें शुरू हो रही हैं। हैरत की बात तो यह है कि शासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग जागरूकता कार्यक्रम, नसबंदी कैम्प सहिज विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा मनाता, बावजूद लगातार आबादी में इजाफा हो रहा है।
योजना में जिले का चयन
केन्द्र व प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश के चयनित १३ उच्च प्रजनन दर वाले जिलों में कटनी को भी शामिल किया गया है। कटनी को 'मिशन परिवार विकासÓ के तहत नसबंदी प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की गई है। साथ ही दो नई योजनाओं को लांच कर राष्ट्रीय परिवार कल्याण कार्यक्रम के महिला एवं पुरुष नसबंदी करवाने वाले तथा सेवाएं देने वाले कर्मचारियों, संस्थानों और प्रोत्साहित करने वाले प्रेरकों को बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मिशन परिवार विकास के तहत प्रसव केन्द्रों पर पीपीआईयूसीडी को प्रोत्साहित करने, नसबंदी शिविरों का संचालन करने सहित योग्य दंपत्तियों को परिवार नियोजन के साधन के लिए जागरूक किया जाएगा। मिशन के तहत गर्भनिरोधक साधनों में 'अंतराÓ इंजेक्शन की निर्धारित समयानुसार 4 डोज महिलाओं को लगाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
बढ़ाई गई प्रोत्साहन राशि
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नए प्रावधानों के तहत महिला नसबंदी के लाभार्थी को 1400 रुपए के स्थान पर अब दो हजार रुपए की राशि और पुरुष नसबंदी पर 3 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रेरित करने वाले महिला नसबंदी पर 300 रुपए तथा पुरुष नसबंदी प्रोत्साहन के रूप में 400 रुपए दिए जाएंगे। प्रसव के तुरंत बाद अथवा प्रसव के बाद एक सप्ताह में नसबंदी कराने वाली महिला को 3000 रुपए एवं इसके प्रेरक को 400 रुपए संस्थान की ओर से दिए जाने के प्रावधान किए गए है।
खास-खास बातें
- फेमली प्लानिंग में शामिल अंतरा और छाया
- छाया अंतरा सेवा प्रदाता को मिलेगा १५० रुपए
- आशा के लिए १५० रुपए की प्रोत्साह राशि
- एनसथिसिया, नर्स, टेक्नीशियन, क्लर्क आदि को प्रोत्साहन
- औसतन ३ से अधिक बच्चे पैदा कर रहीं महिलाएं
- मिशन के तहत होगी काउंसलिंग
- जिला अस्पताल और विगढ़ में अंतरा, छाया की सुविधा
- छाया और अंतरा से कापर टी, माला एम और कंडोम से मुक्ति
ये होंगे प्रयास
- नसबंदी ऑपरेशन
- पोस्ट सिस्टम
- अंतरा इंजेक्शन
- छाया टैबलेट वितरण
- पीपीआईयूसीडी कापर टी
- पोस्ट एबॉर्सन पीपीआईयूसीडी
- आईयूसीडी
- जागरूकता
ये है २०११ की स्थिति
२०११ में हुई जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या १२ लाख ९२ हजार, ४२ थी। इसमें पुरुषों की संख्या ६ लाख ६२ हजार १३ व महिलाओं की संख्या ६ लाख ३० हजार २९ थी। जनसंख्या ग्रोथ २१.४१ प्रतिशत रहा। प्रदेश की कुल जन संख्या में १.७८ प्रतिशत संख्या जिले की शामिल थी। वहीं लिंगानुपात ९५२ रहा है। जबकि २००१ की जनगणना में जनसंख्या १० लाख ६४ हजार १६७ थी और लिंगानुपात ९४१ रहा है। लिंगानुपात भले ही सुदृढ हुआ है, लेकिन प्रजनन दर तेजी से बढ़ा है। वहीं अब जिले की अनुमानित जनसंख्या १४ लाख के ऊपर आंकी जा रही है।