
कटनी. अपनी सुविधा के लिए कर्मचारी किस तरह से संलग्नीकरण का फायदा उठाते हैं इसका एक बड़ा उदाहरण संभागीय कार्यालय में देखा जा सकता है। पांच साल पहले कुछ दिनों के लिए व्यवस्था संभालने के लिए गया कर्मचारी अबतक जबलपुर में ही डटा है। चार माह पहले कलेक्टर ने वापसी के लिए पत्राचार किया, लेकिन अधिकारियों से सांठगांठ के चलते वापसी नहीं करा रहा। जानकारी के अनुसार पांच साल पहले संभागीय कार्यालय में लिटिगेशन ऑफिस खुला था। उसके लिए कर्मचारियों की जरुरत थी। उसके आधार पर 9 जनवरी 2015 को राजेश जैन सहायक ग्रेड-3 कलेक्ट्रेट कार्यालय कटनी को संयुक्त आयुक्त (लिटिगेशन एवं समन्वय) कार्यालय जबलपुर में सहमति देने पर संलग्न किया गया था। कुछ दिनों के लिए यह व्यवस्था की गई थी, लेकिन इतने लंबे अंतराल तक संलग्नीकरण से कटनी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
कलेक्टर ने किया है पत्राचार
इस मामले को लेकर कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने 19 सितंबर 2019 को संभागायुक्त को पत्र (पत्र क्रमांक 8852) लिखा कि कटनी जिले के खनिज विभाग में पदस्थ राजस्व विभाग के कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना विभाग में बुलाया गया है। ऐसे में कटनी कार्यालय में लिपिकों की कमी होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। उपरोक्त कारणों को दृष्टिगत रखते हुए राजेश जैन को कटनी वापस भेजा जाए। लेकिन लिपिक अधिकारियों से मिलकर कटनी वापस आने में रुचि नहीं दिखा रहे।
इनका कहना है
चार साल पहले संभागीय कार्यालय में मुझे सलंग्न किया गया था। अब वापस कटनी आने के लिए कलेक्ट्रेट कटनी से पत्राचार हुआ है। संभागीय कार्यालय से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा। मैं कटनी आने के लिए तैयार हूं, क्योंकि मूल पदास्थापना कटनी में है।
राजेश जैन, सहायक ग्रेड तीन कलेक्ट्रेट कटनी।