वार्डों में पाइप लाइनों का निरीक्षण अभियान शुरू, नियमित सैंपलिंग की, एक दिन में लिए 25 सैंपल
कटनी. इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई दुखद घटना ने प्रदेशभर के नगरीय निकायों को सतर्क कर दिया है। इसी कड़ी में नगर निगम प्रशासन ने शहर में स्वच्छ, सुरक्षित और मानक अनुरूप पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाए हैं। जलप्रदाय व्यवस्था की न केवल समीक्षा की जा रही है, बल्कि फील्ड स्तर पर सघन जांच, सुधार और निगरानी भी शुरू कर दी गई है।
प्रभारी कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि जलप्रदाय शाखा के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की आवश्यक बैठक आयोजित कर उन्हें प्रतिदिन जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जल शुद्धिकरण संयंत्रों से लेकर अंतिम छोर तक पहुंचने वाली सप्लाई पर निगरानी रखने को कहा गया है, ताकि कहीं भी दूषित पानी की आशंका न रहे। अधिकारियों को निर्देश हैं कि जलापूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आई तो संबंधित पर जवाबदेही तय की जाएगी।
जलप्रदाय शाखा द्वारा बड़े पैमाने पर शहर के सभी वार्डों में पाइप लाइनों का निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पुरानी पाइप लाइनों, जॉइंट्स, वाल्व चेंबर और उन स्थानों की विशेष जांच की जा रही है, जहां हाल के दिनों में सीवर लाइन या अन्य भूमिगत कार्य हुए हैं। ऐसे क्षेत्रों में गंदे पानी के पाइप लाइन में मिलने की आशंका अधिक रहती है। निरीक्षण के दौरान जहां भी लीकेज, टूट-फूट या तकनीकी खामियां पाई जा रही हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य कराया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में एहतियातन पाइप लाइन बदली जा रही है तो कहीं जॉइंट्स को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
बीते कुछ समय से शहर के कुछ इलाकों में मटमैली जलापूर्ति की शिकायतें सामने आई थीं। नगर निगम प्रशासन ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्षेत्रों में तत्काल सप्लाई बंद कर जांच कराई। सुधार कार्य के बाद पानी की गुणवत्ता की दोबारा जांच की गई और मानक अनुरूप पाए जाने पर ही जलापूर्ति बहाल की गई। प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
निगम के जल विभाग द्वारा नियमित सैंपलिंग की जा रही है। शनिवार को शहर के विभिन्न वार्डों के 25 स्थलों से पानी के सैंपल लिए गए। प्रयोगशाला जांच में सभी नमूनों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। इससे नगरवासियों को राहत मिली है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
नगरनिगम आयुक्त तपस्या परिहार ने बताया कि नगर निगम की जलप्रदाय शाखा की टीमें 24 घंटे अलर्ट मोड पर तैनात की गई हैं। किसी भी समय शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। फिल्टर प्लांट, ओवरहेड टैंकों और वितरण नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे। नागरिकों की सुविधा और सहभागिता को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 9351136230 जारी किया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर लीकेज, गंदे पानी, कम दबाव या अन्य समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। फिल्टर प्लांट स्थित कार्यालय से शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।