नगर निगम के माध्यम से शहर के बेरोजगार व युवाओं को स्वरोजगार दिलाने की योजना पर नगर निगम के अफसर बेपरवाह बने हुए हैं। इतना ही नहीं पिछले दो वर्ष की तुलना में इस बार टारगेट भी कम कर दिया है। चार माह का समय बीतने को है और अभी तक युवाओं के आवेदन की प्रक्रिया विभाग पूरी नहीं करा पाया। नगर निगम के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का संचालन हो रहा है।
कटनी. नगर निगम के माध्यम से शहर के बेरोजगार व युवाओं को स्वरोजगार दिलाने की योजना पर नगर निगम के अफसर बेपरवाह बने हुए हैं। इतना ही नहीं पिछले दो वर्ष की तुलना में इस बार टारगेट भी कम कर दिया है। चार माह का समय बीतने को है और अभी तक युवाओं के आवेदन की प्रक्रिया विभाग पूरी नहीं करा पाया। नगर निगम के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना का संचालन हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं को दो लाख रुपये तक का अनुदान, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का अनुदान का प्रावधान है। इस साल दोनों ही योजनाओं में सिर्फ 70-70 लोगों को लाभान्वित किया जाना है। जबकि 2018-19 में 300 लोगों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। उसमें मात्र 267 हितग्राहियों को ही नगर निगम योजना का लाभ दिला पाया था। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 300 का लक्ष्य पूरा हो गया गया था।
आवेदन प्रक्रिया में यह पेंच
बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत शहर के युवाओं ने आवेदन तो किया है, लेकिन नगर निगम के पास अबतक कोई जानकारी नहीं है। पहले मैनुअल आवेदन की प्रक्रिया थी, लेकिन 1 जुलाई से ऑनलाइन हो गई है। लोगों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, लेकिन यूजर आइडी और पासवर्ड अबतक भोपाल से नहीं आए। जिससे बेरोजगार अपने पैरों पर नहीं खड़े हो पा रहे। अबतक हितग्राहियों के एकाउंट खोलने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
इनका कहना है
लक्ष्य क्यो घटा है इसकी जानकारी नहीं है। उपायुक्त संध्या सय्याम इस योजना को देख रही हैं। योजना को लेकर क्या दिक्कत आ रही है इस संबंध में समीक्षा की जाएगी। युवाओं को इस योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले इस दिशा में पहल की जाएगी।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।