
कटनी. शहर का एक मात्र खेल मैदान फारेस्टर प्लेग्राउंड पिछले दो साल से विकास का बाट जोह रहा है। खेल मैदान के विस्तार के लिए नगर निगम के अधिनस्थ रहे मैदान को खेल विभाग में शामिल करा दिया गया है। इस मैदान के हस्तांतरण के बाद यहां पर बेहतर स्टेडियम निर्माण का प्रस्ताव बना। प्रस्ताव को दो साल पहले सरकार को भेजा गया, लेकिन इस्टीमेट बढऩे के कारण न तो उसमें अबतक स्वीकृति मिल पाई और ना ही निर्माण शुरू हो पाया। मैदान असुरक्षित रहने के कारण खराब हो रहा था, जिससे खिलाडिय़ों को पै्रक्टिस सहित टूर्नामेंट में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर अब नगर निगम द्वारा सुरक्षित कराया जा रहा है। बता दें कि हॉकी स्टेडियम के मुख्य मार्ग की ओर खेल मैदान पूरी तरह असुरक्षित था, इसके बाद उसे सुरक्षित कराया जा रहा है। मैदान की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू हो गया है। हैरानी का बात तो यह है कि मैदान की दुर्दशा में सुधार व स्टेडियम निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारी ध्यान ही नहीं दे रहे। जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से कोई सरोकार नहीं है।
मैदान में गड्ढों के बाद लिया निर्णय
5 जनवरी से खेल मैदान में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन शुरू हुआ। खेल को लेकर अधिकारियों ने मैदान की स्थिति परखी। बारिश होने के कारण यहां पर मोटर साइकिल चालकों ने मैदान के धुर्रे उड़ा दिए थे। मैदान में पूरे में मोटर साइकिलों के पहिये बन गए थे। यहां तक कि टर्फ विकेट भी खराब हो गई थी। इसके अलावा यहां पर अवारा मवेशी व शूकर भी धमाचौकड़ी मचा रहे थे। मैदान की बदहाल स्थिति को लेकर सुरक्षित कराने बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू कराया गया।
मंत्रालय में अटकी फाइल
खेल मैदान में विकास कार्य के लिए खेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। 3 करोड़ 52 लाख रुपये से प्रस्ताव बना है। इसका निर्माण पीआइयू द्वारा कराया जानाहै। यहां खिलाडिय़ों के लिए एथलेटिक्स ट्रैक, हॉकी मैदान, ग्रीन ग्रास, पवेलियन, गल्र्स और ब्वॉयज के लिए लेट-बॉथ, ठहरने के लिए व्यवस्था सहित सुरक्षा के मद्देनजर बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाना है। प्रस्ताव को लेकर अबतक सहमति नहीं बन पाई।
इनका कहना है
स्टेडियम निर्माण के लिए पीआइयू वालों की दो दिन पहले बैठक हुई है। बैठक में क्या निर्णय हुआ इसका पता लगाया जाएगा, शीघ्र मैदान निर्माण के लिए पहल की जाएगी।
विजय भार, जिला खेल अधिकारी।