कलेक्टर ने कहा था कि तत्काल मेटरनिटी वार्ड में लगवाओ पंखे, निर्देश के 96 घंटे बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने नहीं किया अमल, संबल योजना के तहत प्रसूति सहायता के लिए भी नहीं छपवाई दस्तावेजों की पर्ची
कटनी. जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वाले उपचार और सुविधाओं की नब्ज टटोलने के लिए कलेक्टर केवीएस चौधरी ने बुधवार की दोपहर औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों की बेपरवाही, अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही खुलकर सामने आई थी। मौके से रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरके अठ्या बगैर सूचना के गायब थे। इस पर कलेक्टर ने तत्काल व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए थे। मेटरनिटी वार्ड में निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर से मरीज के परिजनों ने हकीकत बताई तो वे भी अवाक रह गए। मरीजों ने बताया था कि गर्मी और उमस में उन्हें व मरीज को बेहद समस्या हो रही है। वार्डों में पंखे-कूलर की व्यवस्था नहीं है। उन्हें मजबूरी में घर से या फिर बाजार से खरीदकर पंखा लाना पड़ता है, ताकि नवजात व प्रसूता को परेशानी न हो। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. एसके शर्मा व अस्पताल के कर्मचारियों को कहा था कि तत्काल यहां पर पंखे लगवाए जाएं। यदि सीलिंग फैन नहीं लग पा रहे हैं तो दीवार फैन लगवाओ। हैरानी की बात तो यह है कि कलेक्टर द्वारा निर्देश दिए 96 घंटे याने की चार दिन से अधिक का समय बीत गया है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उसपर अमल नहीं किया। पत्रिका ने शनिवार की दोपहर जब वार्डों की स्थिति का जायजा लिया तो वहीं पुरानी स्थिति नजर आई।
कलेक्टर को दी गई गलत जानकारी
जब कलेक्टर ने पूछा कि पंखे क्यों नहीं तो कर्मचारियों द्वारा बताया कि यहा पर गहन चिकित्सा इकाइ कक्ष रहा है। उसका सेटअप लगा होने के कारण पंखे नहीं लग पाए। इस पर कलेक्टर ने कहा था कि दीवार फैन लगाने में क्या दिक्कत है। यहां पर लगा सेटअप का यहां पर न तो उपयोग है और ना ही उपयोगी सामग्री। उसे भी कलेक्टर ने हटाने के निर्देश दिए थे, उसपर भी अमल नहीं हुआ। मेटरनिटी वार्ड में बना आशा रेस्ट रूम भी कबाड़ में तब्दील हो गया है।
प्रसूति सहायता के लिए भी नहीं व्यवस्था
जिले में होने वाले प्रसव और हितग्राही को दी जाने वाली प्रसूति सहायता में जिले की स्थिति बेहद खराब है। जिला अस्पताल सबसे पीछे चल रहा है। इस पर कलेक्टर सीएमएचओ सहित सीएस को फटकार भी लगा चुके हैं। प्रसूति सहायता कक्ष का निरीक्षण कर निर्देश दिए थे कि जो हितग्राही पूरे दस्तावेज लेकर नहीं पहुंच रहा तो उसके लिए दस्तावेजों की पर्ची प्रिंट कराओ और उसमें उसे टिक करके दो ताकि समय पर सहायता राशि हितग्राही को मिल सके, लेकिन इस निर्देश पर भी अस्पताल प्रबंधन ने कोई अमल शुरू नहीं किया।
इनका कहना है
सिविल सर्जन को तत्काल व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए गए थे। मेटरनिटी वार्ड में पंखे लगवाने, ट्रामा सेंटर के सेटअप को अलग कराने सहित प्रसूति सहायता के लिए लगने वाले दस्तावेज की पर्ची छपवाकर हितग्राही व उसके परिजनों को देने लिए कहा गया था। यदि निर्देशों का पालन नहीं हो रहा तो इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केवीएस चौधरी, कलेक्टर।