झुग्गी-झोपड़ी व कच्चे-खपरैल मकान में रहकर गुजारा करने वाले जरुरतमंदों को पीएम आवास योजना के तहत पक्की छत की सौगात मिल रही है, लेकिन इस बार बजट के फेर में आशियाने उलझकर रहे गए हैं। एक ओर जहां आवासों में कटौती हो गई है और एससी, एसटी को ही लाभान्वित किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर बजट ही नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है स्टेट बजट में पहली-दूसरी किश्त जारी हो गई है।
कटनी. झुग्गी-झोपड़ी व कच्चे-खपरैल मकान में रहकर गुजारा करने वाले जरुरतमंदों को पीएम आवास (pm awas) योजना के तहत पक्की छत की सौगात मिल रही है, लेकिन इस बार बजट के फेर में आशियाने उलझकर रहे गए हैं। (pm Awas yojna) एक ओर जहां आवासों में कटौती हो गई है और एससी, एसटी को ही लाभान्वित किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर बजट ही नहीं मिल रहा। बताया जा रहा है स्टेट बजट में पहली-दूसरी किश्त जारी हो गई है। सेंट्रल से मिलने वाला बजट अभी तक नहीं आया, जिससे काम रुका हुआ है। जानकारी अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 9 हजार 873 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं। इसमें पहली किश्त 9 हजार 58 को जारी हो गई है। दूसरी किश्त 7 हजार 345 और तीसरी किश्त मात्र 1533 लोगों को ही जारी हो पाई है, जबकि पूर्ण आवासों की संख्या सिर्फ 12 ही है।
पुराने आवास भी पड़े अधूरे
जिले में 1074 से अधिक आवास ऐसे हैं जो पूर्व के वर्षों के हैं। ये वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 के हैं। इसमें अधिकांश लोग राशि निकालकर उड़ा चुके हैं। 90 लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो गई है। 170 आवास ऐसे हैं जो सरकार के 13 बिंदुओं में फिट नहीं बैठ रहे। 401 हितग्राही ऐसे हैं जो पहली किश्त लेने के बाद काम ही नहीं किया। अपने अन्य कामों में रुपये खर्च कर लिए हैं। 71 लोग पलायन कर चुके हैं, जिससे आवास नहीं बन पाएंगे। 73 लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो गई है और उनके वारसान ही नहीं हैं। ऐसे लोगों को अब कोर्ट से नोटिस भेजने की तैयारी हो रही है।
इनका कहना है
बजट न मिलने के कारण पीएम आवासों की किश्त जारी नहीं हो पा रही। जिला स्तर की पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। राशि जारी होते ही जनपदों के माध्यम से हितग्राही के खाते में भेजी जाएगी। पुराने हितग्राही जो आवास नहीं बना रहे उन्हें नोटिस भेजा जाएगा।
जगदीशचंद गोमे, जिला पंचायत सीइओ।