कम्प्यूटर की दो से तीन बार ट्रेनिंग लेकर थाने में काम से दूर भाग रहे विवेचक, अब डीई की तैयारी
कटनी. पुलिस में पेपरलेस काम को बढ़ावा देने एफआइआर से लेकर विवेचना व दूसरे कार्यों को डिजिटलाइज्ड करने की दिशा में ट्रेनिंग लेकर थाने में काम से दूर जा रहे विवेचक बाधा बन रहे हैं।जिले सभी 16 थानों में विवेचक को एक साल से लगातार कम्प्यूटर की ट्रेनिंग दी जा रही है। अलग-अलग चरणों में एक-एक थाने से विवेचकों को बुलाकर कम्प्यूटर गुर सिखाया गया, और ट्रेनिंग के बाद परीक्षा ली गई। प्रशिक्षण के दौरान परीक्षा में सभी विवेचक पास भी हुए।
जानकर ताज्जुब होगा कि ट्रेनिंग में कम्प्यूटर ट्रेनिंग में पास होने वाले विवेचक थाने में कम्प्यूटर के उपयोग के दौरान फेल हो जा रहे हैं। थाने में जब कम्प्यूटर में काम करने की बारी आती है तो विवेचक कम्प्यूटर का ज्ञान नहीं होने की बात कह रहे हैं। विवेचकों द्वारा अपनाये जा रहे इस व्यवहार से पुलिस के कई जरुरी काम पर असर पड़ रहा है और अब महकमे के आला अधिकारी कम्प्यूटर में काम को लेकर थाने में आनाकानी करने वाले विवेचकों पर डिपार्टमेंटल इंक्वायरी (डीई) करवाने की बात कह रहे हैं।
एडिशनल एसपी विवेक कुमार लाल ने बताया कि कम्प्यूटर पर काम करने की ट्रेनिंग लेकर थाने में काम नहीं करने वाले विवेचकों पर डीई होगा। ऐसे 90 प्रतिशत स्टॉफ हैं, जानकारी मंगवाई है कि कौन-कौन विवेचक काम नहीं कर रहे हैं।
एफआइआर दर्ज करना अब और आसान, सभी थानों में अपडेट 4.5 सीसीटीएनएस पर काम:
जिलेभर के थानों में चल रहे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) को पूरे प्रदेश में अपडेट कर 4.1 की जगह 4.5 किया गया है। बतादें कि थाने में एफआइआर दर्ज करने से लेकर दूसरे काम सीसीटीएनएस पर हो रहा है। कटनी में कोतवाली थाने में 4.5 अपडेट सीसीटीएनएस पर काम शुरु हो गया है। इस संबंध में थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा ने बताया कि अपडेट वर्जन में एफआइआर दर्ज करना आसान हो गया है। इसमें एक से ज्यादा विवेचक का नाम दर्ज करने सहित विषय में 30 शब्द संख्या बढ़कर सौ हो गई है। पहले थाने में सीसीटीएनएस पर काम करने वाले कर्मियों का प्रभार बदलने पर लागआउट जरुरी था, 4.5 वर्जन में डायरेक्टर एफआइआर दर्ज करने की सुविधा है।