कटनी

कटनी जिले में अब इन दुकानों में मिलेंगे सस्ती दवाएं, सरकार की इस योजना से लोगों को मिलेगा लाभ

एक सप्ताह में जिले में खुलेंगे पीएम जन औषधि केंद्र, मरीजों को मिलने लगेंगी सस्ती दवाएं, जेनरिक दवा बेचने के लिए 6 लोगों ने लिया लायसेंस
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Updated: 3 Jul 2018, 11:50 AM IST
drug scam
Prime Minister's Public Drug Center opens in katni

कटनी. फार्मा एडवाइजरी फोरम ने संयुक्त रूप से हर जिले में आम जनता को वाजिब दाम पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए औषधि कैंपेन शुरू किया है। यह दवाएं प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में मिलेंगी। इस योजना के तहत एक सप्ताह के अंदर जिले में 6 स्थानों पर प्रधानमंत्री जन औषधि खुलेंगे। इसके लिए 22 लोगों ने आवेदन किया था। 10 लोगों के आवेदन स्वीकृत हो गए हैं। इनमें से सत्यापन के बाद 6 लोगों को केंद्र खोलने के लिए विभाग द्वारा लायसेंस जारी कर दिए गए हैं। ये केंद्र जिले के कटनी, बड़वारा, ढीमरखेड़ा, रीठी, बहोरीबंद और ढीमरखेड़ा ब्लॉक में खुलेंगे। बी फॉर्मा और डी फॉर्मा डिग्री धारियों द्वारा 3100 रुपए फीस जमा करने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद लायसेंस जारी कर दिए गए हैं। ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया (बीपीपीआइ) द्वारा लायसेंस धारियों को दुकान खोलने के लिए प्रक्रिश शुरू करा दी गई है।

डॉक्टरों को लिखने होंगे दोनों फार्मूले
अभी तक यह बात सामने आई है कि आर्थिक स्थिति से कमजोर सहित हर मरीज को चिकित्सक महंगी एलोपैथी दवाएं लिखते हैं, जिससे मरीजों की माली हालत और भी खराब होती है। अब नए नियम के अनुसार डॉक्टरों को एलोपैथी के साथ ही जेनेरिक फार्मूला भी मरीजों को लिखना होगा, ताकि मरीज अपनी सुविधा के अनुसार दवाएं क्रय कर सके।

विभाग उपलब्ध कराएगा दवाएं
प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र का प्रारंभिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाने के बाद जन अभियान परिषद के माध्यम से बीपीपीआइ विभाग केंद्रों को जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही केंद्र संचालकों को आर्थिक नुकसान न हो और उन्हें मुनाफा मिलता रहे इसके लिए भी विभाग मंथन कर रहा है। सरकार ने यह माना है कि बड़ी आबादी गरीबी से ग्रस्त है और कुछ बुनियादी सुविधाएं जैसे कि स्वास्थ्य की देखभाल के लिए साधन नहीं जुटा सकती। स्वास्थ्य की देखभाल में गैर-इंफ्रास्ट्रक्चर साधन भी शामिल हैं, जैसे दवाइयां। सबसे बड़ी समस्या यह है कि ब्रांडेड (जेनेरिक) दवाइयों का दाम ब्रांड रहित जेनेरिक दवाइयों से काफी अधिक होता है जबकि दोनों दवाइयों की चिकित्सात्मक गुणवत्ता एक जैसी होती है। इस पर नियंत्रण के लिए यह पहल की जा रही है।

इनका कहना है
जिले में जेनेरिक दवाओं के विक्रय के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने पहल की जा रही थी। 10 आवेदन अभी तक स्वीकृत हो चुके हैं, इनमें से 6 के लायसेंस भी जारी हो गए हैं। एक सप्ताह के अंदर केंद्र खोलने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
आनंद पांडे, प्रभारी जन अभियान परिषद।

Updated on:
3 Jul 2018, 11:50 AM IST
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