
Odif could not be Gram Panchayat
कटनी. जनपद पंचायत बहोरीबंद को 30 जून तक की तिथि में पूरी तरह खुले मेें शौच से मुक्त करने की प्रशासन की मंशा पूरी नहीं हो सकी है। पूरे माह 16 विभागों के सहयोग और नरसिंहपुर से बुलाए गए प्रेरकों ने अभियान चलाकर लोगों को जागरुक किया लेकिन अभी भी शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। बहोरीबंद ब्लॉक में 79 ग्राम पंचायत हैं, जिसमें अब तक तीन ग्राम पंचायत ही ओडीएफ घोषित हुई हैं। इसके अलावा जनपद पंचायत बहोरीबंद की 76 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ होने का इंतजार है। ब्लाक में अभी तक लगभग दस हजार घरों में शौचालय बनने बाकी हैं। जिन घरों में शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है, वहां के लोग आज भी खुले में शौच करने जा रहे हैं। ऐसी पंचायतों में प्रशासन के चलाए जा रहे जागरुकता अभियानों का भी कोई महत्व नहीं बना है। शौचालयों के निर्माण न होने पाने में पानी कमी को मुख्य माना जा रहा है।
विभागों ने नहीं दिखाई रुचि
जिला स्तर से पंचायतों को ओडीएफ करने को 16 विभागों को लगाया गया था। विभागों ने कार्य में ही रुचि नहीं दिखाई। बहोरीबंद ब्लाक में भी ऐसी ही स्थिति रही, जिसके चलते अभियान की गति धीमी रही। सिर्फ जनपद पंचायत के अधिकारी कर्मचारी और विभाग द्वारा बुलाए गए प्रेरक ही काम में लगे रहे। वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त करने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन 79 में से सिर्फ तीन पंचायतों को ओडीएफ कराने में विभाग सफल हो पाया है।
इनका कहना है...
जो पंचायतें ओडीएफ होना हैं, उनमें काम निरंतर चल रहा है। जिला व जनपद की टीम लगातार शौचालय निर्माण व जागरूकता के लिए अभियान चला रही हैं। यह बात सही है कि 30 जून तक कि निर्धारित समयावधि में ब्लॉक ओडीएफ नहीं हो सका है क्योंकि पानी का संकट है। जुलाई तक पूरे ब्लॉक को ओडीएफ घोषित कर लिया जाएगा।
शिवानी जैन, जनपद पंचायत बहोरीबंद
Published on:
02 Jul 2018 07:49 pm
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