- शहर के तीन प्रमुख स्टेशनों के आउटर पिछले कुछ सालों से संगीन अपराधों में शुमार हो गए हैं। यहां पर ट्रेनों में लूट, डकैती, चैन स्नैचिंग, छीना-छपटी, चोरी सहित अन्य अपराध घटित हुए हैं। - अपराधों के बढऩे की मुख्य वजह अपराधियों पर अंकुश न लगाया जाना तो है ही साथ ही ट्रेनों की धीमी रफ्तार भी वजह बनी हुई हैं। कटनी साउथ से मुड़वारा तक ट्रेनें महज 15 किलोमीटर की रफ्तार से ही दौड़ रहीं थीं। - नाम 15 किलोमीटर था, लेकिन टर्निंग के कारण 10 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार ही रहती थी, ऐसे में अपराधी आसानी से टे्रनों में चढ़-उतरकर अपराध कारित करते थे।
कटनी. शहर के तीन प्रमुख स्टेशनों के आउटर पिछले कुछ सालों से संगीन अपराधों में शुमार हो गए हैं। railway यहां पर ट्रेनों में लूट, डकैती, चैन स्नैचिंग, छीना-छपटी, चोरी सहित अन्य अपराध घटित हुए हैं। अन अपराधों के बढऩे की मुख्य वजह अपराधियों पर अंकुश न लगाया जाना तो है ही साथ ही ट्रेनों की धीमी रफ्तार भी वजह बनी हुई हैं। Train speed कटनी साउथ से मुड़वारा तक ट्रेनें महज 15 किलोमीटर की रफ्तार से ही दौड़ रहीं थीं। नाम 15 किलोमीटर था, लेकिन टर्निंग के कारण 10 से 12 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार ही रहती थी, ऐसे में अपराधी आसानी से टे्रनों में चढ़-उतरकर अपराध कारित करते थे। शनिवार से अपराधियों के ठिकानों पर रेलवे ने प्रहार किया है। कटनी-साउथ से मुड़वारा तक 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौडऩे वाली ट्रेनों की स्पीड़ डबल करते हुए 30 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दिया है। शनिवार को टेस्टिंग और रविवार से सभी ट्रेनों निर्धारित स्पीड से दौड़ाई गईं। रेलवे की इस पहल से ट्रेनों के समय में काफी सुधार तो हुआ ही साथ ही अब यात्रियों का सफर थोड़ा सुरक्षित हो जाएगा।
दौरे के बाद जारी की रिपोर्ट
पूर्व में सीआरएस ने कटनी सेक्शन का दौरा किया था। रेल अधिकारियों ने बताया कि 30 अगस्त को सीआरएस ने स्पीड़ बढ़ाए जाने के लिए निर्देश जारी किए। 30 अगस्त की शाम में निर्देश कटनी मुड़वारा को प्राप्त हुए। 31 अगस्त को ट्रेनों की स्पीड बढ़ाकर टेस्टिंग की गई। 1 सितंबर से उसे नियमित कर दिया गया है। हालांकि स्टेशनों के सभी आउटर में ट्रेनों की स्पीड़ बढ़ाए जाने, अनावश्यक न रोके जाने की मांग यात्रियों ने उठाई है। यात्रियों ने कहा कि ट्रेन को स्टेशनों में ही रोका जाए, न कि सूनसान इलाके में।
डेड स्लो से बढ़ रहे अपराध
इस संबंध में जीआरपी टीआइ डीपी चड़ार का कहना है कि ट्रेनों में सबसे ज्यादा अपराध कटनी स्टेशन, मुड़वारा व साउथ के आउटर सहित गाटरघाट में घटित हो रहे हैं। यहां पर ट्रेनें 'डेड स्लो' की तर्ज पर चलती है। स्पीड के बढऩे से थोड़ा राहत मिलेगी। साउथ से मुड़वारा तक रात में अधिक समस्या होती है। काली मंदिर टर्निंग के कारण ट्रेनों के धीमे होते ही अपराध अधिक होते हैं। आसानी से अपराधी चढ़ और उतर जाते हैं। अपराध कारित कर भाग जाते हैं। यहां पर हाइ मास्क लाइट नहीं हैं। अंधेरे में अपराधियों पर नजर रखना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था होने पर अपराधियों पर अंकुल लगाया जा सकता है।
इनका कहना है
सीआरएस द्वारा स्पीड बढ़ाए जाने को लेकर आके रिपोर्ट दी गई है। कटनी-साउथ से मुड़वारा तक अब 15 के स्थान पर 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनों दौडऩे लगी हैं, इससे समय की बचत होगी।
बीपी सिंह, स्टेशन प्रबंधक मुड़वारा।