पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले 3-4 दिन बारिश के आसार, तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, उपज सहेजने जुटे किसान
कटनी. जिले में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। बुधवार रात बारिश के बाद गुरुवार को जहां तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान रहे। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और दोपहर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। जिले के कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर जारी है, जिससे मौसम कुछ समय के सुहावना तो हुआ, लेकिन उमस बढऩे से लोगों को असहजता भी महसूस हो रही है। कुछ समय तक बादल छाए रहे। बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा, लेकिन दो बजे के बाद फिर मौसम बदल गया और तेज धूप खिलने से लोग परेशान हुए। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. संदीप कुमार चंद्रवंशी के अनुसार तापमान में अचानक बढ़ोतरी के कारण पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके चलते पूर्वी मध्यप्रदेश के ऊपर नया मौसमीय सिस्टम बन गया है, जिसका असर कटनी जिले में भी देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय अधिकतम तापमान सामान्यत: 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए था, लेकिन हाल ही में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। इसी असामान्य बढ़ोतरी के कारण मौसम प्रणाली प्रभावित हुई और बारिश की स्थिति बनी। हालांकि, बारिश और बूंदाबांदी के चलते अब तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसके बाद वातावरण में नमी बढऩे से उमस का माहौल बन गया है, जिससे लोगों को बेचैनी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी 3 से 4 दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं।
यदि जिले में तीन-चार दिनों तक बारिश होती है तो किसानों को भारी नुकसान होगा। बता दें कि इन दिनों गेहूं की फसल पककर तैयार हो गई है। कई जगह कटाई का दौर शुरू हो गया है। बारिश- तूफान के कारण किसानों का काम प्रभावित हो रहा है। किसान तेवरी निवासी पुरुषोत्तम सिंह, लखाखेरा निवासी सुरेंद्र राय आदि ने बताया कि इन दिनों तेजी से कटाई का दौर चल रहा है। बारिश हो जाने के कारण गेहूं की हार्वेस्टिंग नहीं हो पा रही है। वहीं आंधी के कारण फसल जमीन पर गिर रही है। बारिश हुई तो गेहूं का दाना खराब हो जाएगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
बहोरीबंद विकासखंड मुख्यालय सहित पूरे क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अचानक मौसम बदल गया और हल्की बारिश शुरू हो गई। भले ही बारिश अधिक नहीं हुई, लेकिन मौसम के इस बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में इस समय गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार खड़ी है और कई किसान कटाई की प्रक्रिया में जुटे हैं। किसानों को आशंका है कि बारिश से गेहूं काला पड़ सकता है और उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। दिनभर बादल छाए रहने और आसमान में गडगड़़ाहट के कारण किसानों में डर बना रहा। किसान रामजी पटेल, सुनील पटेल, रामकिशोर पटेल सहित अन्य किसानों ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में करीब 15 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती की गई है, जो अब कटाई के दौर में है।