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लाल पहाड़ी में 5 करोड़ की जमीन पर घोटाले का आरोप, निगम की एनओसी को निरस्त करने की मांग

बरगवां की 5 करोड़ की भूमि का मामला, डन के नाम जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र पर खड़े हुए सवाल, कलेक्टर और आयुक्त तक पहुंची शिकायत

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 29, 2026

Fraudulent Sale of Government Land

Fraudulent Sale of Government Land

कटनी. शहर के बरगवां क्षेत्र में लाल पहाड़ी पर स्थित कीमती शासकीय भूमि को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें नगर पालिक निगम द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र पर सवाल खड़े किए गए हैं। कलेक्टर आशीष सिंह व नगरनिगम आयुक्त से की गई शिकायत में इस एनओसी को फर्जी तथ्यों पर आधारित बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही मामले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। शिकायत के अनुसार नगर निगम ने पीआर डन के नाम पर ग्राम बरगवां, खसरा नंबर 209/5 की 0.081 हेक्टेयर भूमि के लिए 24 दिसंबर 2018 को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था। आरोप है कि यह एनओसी गलत जानकारी और भ्रामक तथ्यों के आधार पर जारी किया गया, जिससे शासन और निगम को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

हाईकोर्ट आदेशों का गलत उपयोग

शिकायत में बताया गया है कि एनओसी जारी करते समय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रिट याचिका क्रमांक 1286/2013 का हवाला दिया गया, जबकि यह याचिका खसरा नंबर 209/5 से संबंधित नहीं थी। यह मामला खसरा नंबर 209/4 और 210/1 में अतिक्रमण से जुड़ा था। इसके बावजूद आदेश का गलत संदर्भ देकर एनओसी जारी किया गया। इसी तरह रिट अपील क्रमांक 209/2015 का भी उल्लेख किया गया, जिसमें भी संबंधित खसरे का जिक्र नहीं था। शिकायत में इसे सुनियोजित तरीके से तथ्य छिपाने का मामला बताया गया है।

स्टेटस-को के बावजूद दी गई अनुमति

शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित भूमि नगर सुधार न्यास की योजना क्रमांक 3 और 17 के अंतर्गत अधिग्रहित है। इस पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में स्टेटस-को लागू किया गया था, जो अब तक प्रभावी है। इसके बावजूद एनओसी जारी करना नियमों के विपरीत बताया गया है। बताया गया कि 17 सितंबर 2018 की मेयर-इन-काउंसिल बैठक में इस प्रस्ताव पर आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, लेकिन उन्हें कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया। वहीं 15 फरवरी 2019 की नगर निगम परिषद बैठक में भी इस मामले पर विरोध दर्ज हुआ, जिसके चलते अब तक अंतिम निर्णय लंबित है।

विक्रय भी हो चुका

मामले में यह भी सामने आया है कि पैट्रिक रॉबर्ट डन द्वारा उक्त भूमि का विक्रय सरिता अग्रवाल पति सुमित अग्रवाल निवासी आनंद विहार कॉलोनी के पक्ष में किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब एनओसी ही अवैध है तो इसके आधार पर हुआ विक्रय भी निरस्त किया जाना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित इस भूमि का गाइडलाइन मूल्य लगभग 5 करोड़ रुपए बताया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निगम के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा प्रकरण अंजाम दिया गया, जिससे शासन को करोड़ों का नुकसान हुआ।

इनका कहना

नगर सुधार न्यास की योजनाओं से जुड़ी भूमि के विक्रय संबंधी शिकायत मिली है। इस संबंध में जांच के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही जांच रिपोर्ट के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जमीनों का सीमांकन भी कराया जाएगा।

तपस्या परिहार, आयुक्त, नगरनिगम