
कटनी. ढीमरखेड़ा महिला बाल विकास परियोजना अंतर्गत घुघरी आंगनबाड़ी की सहायिका को एक माह पूर्व सेवानिवृत्त कर दिया गया। सेवानिवृत्ति के बाद महिला को पता लगा कि उसकी नौकरी अभी बाकी है, जिसपर उसने विभाग को जांच कराने का आवेदन दिया। जांच के बाद पता लगा कि महिला की आयु अभी ५० वर्ष ही है और इसके चलते उसे दोबारा सेवाएं जारी रखने का आदेश जारी किया गया है। घुघरी निवासी मीरा बाई बर्मन गांव के ही केन्द्र सहायिका के पद पर पदस्थ थीं। पदस्थापना के दौरान विभागीय एमआईएस में उनकी जन्म तिथि एक जनवरी १९५८ दर्ज थी और इस आधार पर उसे ३१ जनवरी को सेवानिवृत्ति दे दी गई। सेवानिवृत्ति के बाद महिला ने जानकारी एकत्र की तो पता लगा कि उसकी उम्र ५० साल से अधिक नहीं है। जिसके चलते उसने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित क्षेत्रीय विधायक मोती कश्यप को भी आवेदन दिया और आयु संबंधी जांच कराने की मांग की।
जांच में ५० वर्ष ही पाई गई महिला की आयु
मीरा बाई द्वारा दिए गए आवेदन मप्र शासन के विभागीय संचालनालय ने जांच कराने के आदेश दिए थे। महिला ने जिस स्कूल से दूसरी-तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की उसका रिकॉर्ड देखा गया और दाखिल खारिज के हिसाब से महिला की उम्र ५० वर्ष ही निकली। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालनालय ने महिला को दोबारा नियुक्त करने के आदेश दिए हैं और उसके आधार पर परियोजना अधिकारी ने उसे सहायिका के पद पर काम करने का आदेश जारी किया है।
इनका कहना है...
दर्ज जन्मतिथि के आधार पर सहायिका ६० वर्ष पूर्ण कर चुकी थी। इसके चलते उसे सेवानिवृत्त किया गया था। संचालनालय के आदेश पर हुई जांच के बाद उसकी आयु कम निकली है और उसी आधार पर उच्च विभाग द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
आरती यादव, परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास ढीमरखेड़ा