यात्रियों से जान से करते रहे खिलवाड़, सालभर में धराए 1201 अवैध वेंडर्स, खाद्य सामग्री बेचने रेलवे ने दी है 45 वेंडरों को अनुमति
कटनी. मुख्य रेलवे स्टेशन में अवैध वेंडर्स यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अनाधिकृत रूप से बेची जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता हाशिये पर है। खानपान ठेकेदार भी इस अवैध कार्य में शामिल हैं और अधिक लाभ अर्जित करने के लिए अंजान लोगों से खाद्य सामग्री बिकवा रहे हैं। आरपीएफ कटनी द्वारा अवैध वेंडर्स पर की जाने वाले कार्रवाई पर नजर डालें तो आकड़े चौकने वाले हैं। आरपीएफ ने वर्ष २०१७ में जनवरी से अबतक कुल १२०१ अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई कर १२ लाख से अधिक जुर्माना वसूला है। विदित हो कि रेलवे प्रबंधन द्वारा स्टेशन के ६ प्लेटफार्म के लिए कुल ४५ वेंडरों के संचालन की स्वीकृति चार प्रमुख खानपान ठेकेदारों को दी है, लेकिन यहां तो सैकड़ों की संख्या में अवैध वेंडर मुसाफिरों को खाना परोस रहे हैं। अवैध वेंडरों के कारण न सिर्फ खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में हैं।
आरपीएफ पर बनाया था दवाब
आरपीएफ द्वारा अवैध वेंडरिंग पर लगातार की जा रही कार्रवाई के चलते खानपान ठेकेदारों ने इस वर्ष बीते माह हड़ताल कर दबाव बनाने का प्रयास भी किया। ठेकेदारों ने एक दिन काम बंद रखकर स्थानीय विधायक से लेकर राज्यमंत्री तक आरपीएफ की शिकायत कर डाली।
यह होती है कार्रवाई
रेलवे स्टेशन में बिना अनुमति खानपान सामग्री का विक्रय करना अपराध की श्रेणी में आता है। रेल प्रोटेक्शन फोर्स द्वारा इन अवैध वेंडरों पर रेलएक्ट १४४ के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें १००० रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
ये हैं ठेकेदार और वेंडरों की संख्या
आरडी शर्मा १ मैनेजर, ३ हेल्पर, १ कुक, १ क्लीनर व ११ वेंडर।
हेमंत शुक्ला १० वेंडर, ६ क्लीनर-हेल्पर व कुक।
एसके सहानी १० वेंडर, आरआरएम हेतु- ८ वेंडर, हेल्पर, कुक व क्लीनर।
हल्दीराम स्टॉल १ सुपरवाइजर, ६ वेंडर
फूड प्लाजा ३० वेटर, मैनेजर १, असीस्टेंड मैनेजर ३, सुपरवाइजर ६, कुक ९, किचिन हेल्पर ६, डिशवाशर ६, स्वीपर ६ व पैकिंग बॉय ६
(रेलवे द्वारा स्वीकृत किया गया स्टॉफ)
इनका कहना
खानपान सामग्री का अवैध रूप से विक्रय करने पर अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस वर्ष अबतक १२०१ अवैध वेंडरों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया है। वेंडरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाता है।
रोहित चतुर्वेदी, निरीक्षक, आरपीएफ कटनी