
MP Housing Department's Residential Scheme Remains Incomplete
कटनी. शहर में एक ओर अवैध कॉलोनियों और प्लाटिंग का कारोबार तेजी से पनपा है, वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वैध आवासीय योजनाएं वर्षों से फाइलों में दबी हुई हैं। हालत यह है कि कटनी शहर के 45 वार्डों में से आधे से अधिक वार्डों में अवैध कॉलोनियों का जाल फैल चुका है, जबकि सरकारी एजेंसियां मूकदर्शक बनी हुई हैं। भू-माफिया और कॉलोनाइजर बिना वैधानिक अनुमति के प्लाट बेचकर करोड़ों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं। इससे शासन को विकास शुल्क, भवन नक्शा शुल्क, शिक्षा उपकर, श्रम शुल्क सहित अन्य राजस्व मदों में भारी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
मध्यप्रदेश गृह निर्माण विभाग ने वर्ष 2003 में कैलवारा फाटक के आगे जैन तीर्थ क्षेत्र मार्ग पर 59 एकड़ भूमि में वृंदावन विहार आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना बनाई थी। उद्देश्य था कि शहरवासियों को व्यवस्थित और सस्ती दरों पर प्लाट उपलब्ध कराए जाएं, लेकिन 23 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। जानकारी के अनुसार योजना के लिए अब तक भूमि का लैंड यूज परिवर्तन नहीं हो पाया है। वर्तमान में जमीन कृषि मद में दर्ज है, जिसे आवासीय मद में परिवर्तित किया जाना है। यह प्रक्रिया टीएनसीपी से होनी है। इसके अलावा खसरों का बंटांकन और पहुंच मार्ग की समस्या भी जस की तस बनी हुई है। यही कारण है कि करोड़ों रुपये का यह प्रोजेक्ट फाइलों में ही दबा रह गया।
इसी तरह दूसरी आवासीय योजना झिंझरी क्षेत्र में टीजीएस होटल के पीछे प्रस्तावित की गई थी। यहां करीब 2.08 हेक्टेयर भूमि गृह निर्माण विभाग को आवंटित की गई और लगभग 355 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि भी तय की गई। हालांकि इस योजना की स्थिति भी पहले जैसी ही बनी हुई है। यहां भी पहुंच मार्ग का अभाव सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। विभाग की ओर से केवल भोपाल प्रस्ताव भेजने की औपचारिकता निभाई गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
शहरवासियों का कहना है कि वैध कॉलोनियों की योजनाओं को लेकर न तो गृह निर्माण विभाग गंभीर दिखाई दे रहा है और न ही जनप्रतिनिधि इस दिशा में कोई पहल कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि लंबित योजनाओं को शीघ्र शुरू कर भूमि का मद परिवर्तन, पहुंच मार्ग और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएं, ताकि आम नागरिकों को व्यवस्थित कॉलोनियों में आवास का सपना पूरा करने का अवसर मिल सके।
शहर में तेजी से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों में न तो सडक़, नाली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं होती हैं और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है। इसके बावजूद लोग मजबूरी और कम कीमत के कारण ऐसे प्लाट खरीदने को विवश हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गृह निर्माण मंडल की योजनाओं को समय पर अमल में लाया जाता तो शहरवासियों को सस्ती और वैध आवासीय सुविधाएं मिल सकती थीं।
मप्र गृह निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई है। सभी योजनाओं की तकनीकी समस्याएं दूर कराते हुए प्रगति लाने निर्देश दिए गए हैं। झिंझरी में स्थित भूमि पर शीघ्र प्रोजेक्ट शुरू हो, इसके लिए रास्ता बने और प्रीमियम राशि जमा हो, इसके लिए पहल की जा रही है। कैलवारा में जो भी बाधा है उसे शीघ्र दूर कराया जाएगा।
Published on:
11 May 2026 08:21 pm
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