
Patrika amratam jalam abhiyan katni
कटनी. शहर की जीवनदायनी ‘कटनी नदी’ को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से पत्रिका अमृतम जलम अभियान के अंतर्गत शनिवार सुबह मोहनघाट पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, समाजसेवी संस्थाओं और शहरवासियों ने बढ़-चढकऱ हिस्सा लिया। सभी ने श्रमदान कर नदी घाट पर फैली गंदगी हटाई और जल संरक्षण एवं स्वच्छता का संदेश दिया। स्वच्छता अभियान के दौरान घाट पर पड़ी पूजन सामग्री, सिल्ट और जलकुंभी को हटाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई गई। श्रमवीरों ने फडुआ, पांचा और तगाड़ी की मदद से दो घंटे से अधिक समय तक लगातार सफाई कार्य किया। घाट से निकाले गए कचरे को चैन बनाकर बाहर निकाला गया और लोडर वाहन में भरकर कचरा प्लांट भेजा गया। अभियान में शामिल लोगों के सामूहिक प्रयास से मोहनघाट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। सफाई के बाद घाट पहले की अपेक्षा अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई दिया। उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी नदी को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
नगर निगम आयुक्त आईएएस तपस्या परिहार ने अभियान के दौरान सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नदी और जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही स्वच्छ और स्वस्थ शहर का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों से आवाहन की कि वे नदी में कचरा और पूजन सामग्री न डालें तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। साल में 100 घंटे सफाई के लिए दें। खुद लोग गंदगी न करें और दूसरों को भी रोकें।
अभियान में नगर निगम, सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, गुरुकुल महिला कल्याण समिति, संप्रेषणा मंच, स्वास्थ्य विभाग, कांग्रेस पदाधिकारी, महाकाल सरकार सेवा समिति, ओम साईं विजन, नव परिवर्तन प्रकाश फाउंडेशन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, नगर निगम आयुक्त आईएएस तपस्या परिहार, पार्षद ओमप्रकाश बल्ली सोनी, समाजसेवी नीलम जगवानी, शशि सोनी, कांग्रेस महासचिव रजनी वर्मा, कांग्रेस नेता राजा जगवानी, मलेरिया इंस्पेक्टर पीके महार, अधिवक्ता सुजीत द्विवेदी, आशीष शुक्ला, संजय चौधहा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कटनी नदी शहर की पहचान और जीवनरेखा है। इसे स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पत्रिका अमृतम जलम अभियान ने समाज में जागरूकता बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है। जनभागीदारी से ही स्वच्छ कटनी का सपना साकार होगा और आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।
जलस्रोतों की स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मोहनघाट पर लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि नागरिक अब स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रहे हैं। यदि हर व्यक्ति अपने आसपास सफाई बनाए रखने का संकल्प ले तो शहर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना आसान हो जाएगा।
कटनी नदी केवल जलस्रोत नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर भी है। इस अभियान ने लोगों को नदी संरक्षण के लिए प्रेरित किया है। समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही पर्यावरण संरक्षण संभव है। ऐसे अभियान नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए ताकि लोगों में जागरूकता बनी रहे।
स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा होना चाहिए। मोहनघाट पर हुए श्रमदान ने यह संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयास से किसी भी स्थान को स्वच्छ बनाया जा सकता है। समाज को जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के लिए आगे आना होगा।
नदी और तालाब हमारी अमूल्य धरोहर हैं। यदि इन्हें स्वच्छ नहीं रखा गया तो आने वाली पीढयि़ों को संकट का सामना करना पड़ेगा। पत्रिका अमृतम जलम अभियान सराहनीय पहल है, जिसने समाज के हर वर्ग को स्वच्छता के लिए एक मंच पर लाने का कार्य किया है।
मोहनघाट पर चला अभियान समाज के लिए प्रेरणादायक है। नदी की सफाई केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जनभागीदारी से ही ऐसे अभियान सफल होते हैं। लोगों को प्लास्टिक और कचरा जलस्रोतों में डालने से बचना चाहिए।
गंदगी और जलभराव से कई बीमारियां फैलती हैं। स्वच्छता अभियान केवल सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। साफ-सफाई बनाए रखने से मच्छरों और संक्रमणजनित रोगों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों को अपने आसपास सफाई रखने की आदत विकसित करनी चाहिए।
स्वच्छता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मोहनघाट पर हुए श्रमदान ने सामाजिक एकता और जागरूकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। यदि हर व्यक्ति अपने क्षेत्र की सफाई के प्रति जिम्मेदार बने तो शहर की तस्वीर बदल सकती है। ऐसे अभियान समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
नगर निगम द्वारा लगातार स्वच्छता को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। जनता का सहयोग मिलने से अभियान और प्रभावी बनता है। मोहनघाट पर लोगों ने जिस उत्साह से श्रमदान किया, वह प्रशंसनीय है। सभी को अपने घर और आसपास सफाई बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए।
स्वच्छता और जल संरक्षण दोनों आज समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं। नदी और घाटों की साफ-सफाई से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलती है। पत्रिका अमृतम जलम अभियान ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया है। युवाओं को भी ऐसे अभियानों से जुडकऱ जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मोहनघाट पर हुआ सफाई अभियान देखकर अच्छा लगा। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और नदी को स्वच्छ रखने की प्रेरणा मिलेगी। यदि हर नागरिक अपने स्तर पर थोड़ी जिम्मेदारी निभाए तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था और बेहतर हो सकती है। ऐसे अभियान लगातार होते रहना चाहिए।
Published on:
10 May 2026 11:08 am
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