- बड़े-बड़े गड्ढे..., उन गड्ढों में भरा पानी, दलदल जैसा परिसर, गड्ढों से कूद-फांद करके अपनी मंजिल तक पहुंचते लोग, कोई नाक को बंद किए हुए तो कोई कीचड़ से बचकर निकलने का प्रयास करता हुआ तो कोई व्यवस्था पर कोसता हुआ...। यह नजारा है इन दिनों शहर के प्रियदर्शनी बस स्टैंड का। यहां से प्रतिदिन 200 से अधिक बसों का जबलपुर, रीवा, दमोह, शहडोल, इंदौर, भोपाल, रायपुर सहित लोकल बसों का परिचालन होता है। 8 हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन बस मार्ग से यात्रा करते हैं, लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि इन दिनों बस स्टैंड दुर्दशा का शिकार है। यहां पर गंदगी बजबजा रही है, संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है।
कटनी. बड़े-बड़े गड्ढे..., उन गड्ढों में भरा पानी, दलदल जैसा परिसर, गड्ढों से कूद-फांद करके अपनी मंजिल तक पहुंचते लोग, कोई नाक को बंद किए हुए तो कोई कीचड़ से बचकर निकलने का प्रयास करता हुआ तो कोई व्यवस्था पर कोसता हुआ...। यह नजारा है इन दिनों शहर के प्रियदर्शनी बस स्टैंड का। यहां से प्रतिदिन 200 से अधिक बसों का जबलपुर, रीवा, दमोह, शहडोल, इंदौर, भोपाल, रायपुर सहित लोकल बसों का परिचालन होता है। 8 हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन बस मार्ग से यात्रा करते हैं, लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि इन दिनों बस स्टैंड दुर्दशा का शिकार है। यहां पर गंदगी बजबजा रही है, संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। नियमित साफ-सफाई न होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। बसों में चढऩे व उतरने के लिए यात्री परेशान तो होते ही हैं, साथ ही बस कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ रहा है। अवारा सुअरों की धमाचौकड़ी व दुर्गंध के कारण संक्रमण का भी खतरा बना हुआ है। अव्यवस्था पर किसी को कोई सरोकार नहीं है।
जबलपुर रूट की बसों में अधिक समस्या
बस स्टैंड में सबसे ज्यादा गंदगी दलदल जबलपुर रूट में खड़ी होने वाली बसों के समीप है। प्रियदर्शनी के सामने जबलपुर रूट सहित मैहर-रीवा रूट की बसें खड़ी होती हैं। इस परिस्थति में यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या से महापौर, आयुक्त व अन्य जिम्मेदार अफसर अनजान हैं। जानते हुए भी समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे। लिहाजा लोगों को परेशानी उठाकर यहां से आवागमन करना पड़ रहा है।
खास-खास:
- बस स्टैंड में बड़े-बड़े नाले खुले हैं, इससे न सिर्फ दुर्गंध बल्कि हर समय बना रहता है हादसे का भय।
- बस स्टैंड में गड्ढों से सरिया निकलने के कारण वाहनों के फंसने व पंचर होने का बना रहता है डर।
- बस स्टैंड में अभी भी हो रहा पुराने वाहनों का सुधार कार्य, कई दिनों तक पड़े रहते हैं खचाड़ा वाहन।
- सौंदर्यीकरण का काम भी महज दिखावा, परिसर चौड़ीकरण में भी गुणवत्ता का नहीं ध्यान, यात्री परेशान।
इनका कहना है
बस स्टैंड में यदि समस्या है तो उसे दिखवाया जाएगा। सफाई के लिए संबंधित को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। पानी निकासी की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि यात्रियों व बस कर्मचारियों को परेशानी न हो।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।