कमीशन देकर मिल रही करेंसी, बैंकों में शॉर्टेज का बहाना, माला बनवाना पड़ रहा भारी
कटनी. शादी-विवाह के सीजन में नए नोटों की मांग बढ़ते ही शहर में करेंसी की किल्लत साफ नजर आने लगी है। बैंकों में नए नोट नहीं होने की बात कही जा रही है, जबकि बाजार में वही नोट मोटे कमीशन पर आसानी से उपलब्ध हो जा रहे हैं। हालात यह हैं कि एक हजार रुपये की गड्डी के लिए 400 से 500 रुपए अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। वहीं रुपयों की माला बनवाने पर दो से तीन हजार रुपये तक अलग से भुगतान करना पड़ रहा है।
रुपयों की माला का चलन खासतौर पर सिंधी समाज में अधिक है। राहुल जयसिंघानी ने बताया कि समाज में शादियों में आकर्षक डिजाइन की नोटों की मालाएं दी जाती हैं, लेकिन कमीशन और दलालों के कारण कई बार माला की कीमत उसमें लगे नोटों से करीब पांच हजार रुपये अधिक हो जाती है। कुठला निवासी अरविंद दुबे ने बताया कि बेटे की शादी के लिए जब वे बैंक पहुंचे तो वहां नए नोट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। मजबूरी में उन्हें बाजार से व्यवस्था करनी पड़ी।
इधर, शादी सीजन को देखते हुए आरबीआई के निर्देश पर बैंकों द्वारा 10, 20, 50 और 100 रुपये के नए नोट उपलब्ध कराने की पहल की बात कही जा रही है। बावजूद इसके जमीनी हकीकत यह है कि आम लोगों को नई करेंसी आसानी से नहीं मिल पा रही। नतीजा यह है कि हर जिले की तरह कटनी में भी नोटों की माला का कारोबार करने वाले बिचौलिये सीजन का फायदा उठाकर जमकर मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि बैंकों में बगैर किसी शुल्क के नई नोट मिल रही हैं, लेकिन लोग भी भटकना नहीं चाहते।
भारतीय स्टेट बैंक में 30 से 40 हजार रुपए की नई नोटें ग्राहकों को हर दिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। उसका कोई चार्ज नहीं है। लोग अधिक संख्या में मांगते हैं वह व्यवस्था नहीं हो पाती।