कटनी

सुप्रीम कोर्ट से नगर निगम को बड़ी राहत, राजीवगांधी काम्पलैक्स मामले में SLP सबमिट

SLP submitted in Supreme Court

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Dec 11, 2024

राजीवगांधी काम्पलैक्स मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सबमिट हुई एसएलपी, तीन सप्ताह में पेश करना होगा जवाब, नगर निगम को मिली बड़ी राहत

कटनी. नगर निगम और स्टेशन चौराहा के पास बने राजीव गांधी शॉपिंग कॉम्पलैक्स बनाने वाली ठेका कंपनी के बीच चल रहा मामला अब सर्वोच्च न्यायालय जा पहुंचा है। सुप्रीम कोर्ट में नगर निगम की एसएलपी 9 दिसंबर को एडमिट हो गई, जिससे बड़ी राहत मिली है। हाइकोर्ट से अपील खारिज होने के बाद और एवार्ड की दिनांक से ब्याज की रकम मिलाकर लगभग 40 करोड़ रुपए से अधिक की रकम रिकवरी के लिए पहुंचने के चलते निगम अफसरों में खलबली मच गई थी।
अब इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई होगी। पक्षकारों को पिटीशन एक्ट के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। तीन सप्ताह में अपना पक्ष रखने कहा गया है। नगर निगम की तरफ से पैरवी सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता कार्तिक सेठ द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि सुप्रीप कोर्ट अब इसमें यह देखेगी कि प्रोसेस सही हुई है कि नहीं, इसकी पूरी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा होगी। दोनों पक्ष अपनी बात रखेंगे, जिसके आधार पर निर्णय आएगा।

ये दायर हुई एसएलपी
बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय नंबर 13, केस नंबर 32, खंड 4-सी में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित एआरबीए संख्या 12/2019 में दिनांक 20 सितंबर 2024 के अंतिम निर्णय और आदेश से उत्पन्न मामले की सुनवाई होगी। इसमें याचिकाकर्ता नगर निगम है व बनाम मेसर्स खुशीराम एंड कंपनी है। वकील की बात सुनने के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि नोटिस जारी करें, तीन सप्ताह में जवाब दें, इसके अतिरिक्त दस्ती की भी अनुमति है।

यह है मामला
2000 में नगर निगम द्वारा स्टेशन के पास शॉपिंग काम्पलैक्स निर्माण के लिए खुीराम एंड कंपनी को ठेका दिया गया। यह काम ठेकेदार को 4 करोड़ 25 लाख में दिया गया। ड्राइंग डिजाइन, अधूरे निर्माण आदि को लेकर मामला उलझ गया और न्यायालय जा पहुंचा। ठेका कंपनी न्यायालय पहुंची, यहां पर 2012 में आर्बिटेशन पास हुआ और लगभग 22 करोड़ रुपए नगर निगम के खिलाफ रिकवरी बनी। इस निर्णय के खिलाफ नगर निगम एडीजे कोर्ट में अपील दायर की, जो खारिज हो गई। अपील खारिज होने के बाद नगर निगम उच्च न्यायालय गया, जहां से स्टे आ गया, इस मामले में सुनवाई चली और 20 सितंबर को यहां से भी अपील खारिज हो गई।

वर्जन
उच्च न्यायालय में अपील खारिज होने के बाद नगर निगम द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी लगाई गई, जो 9 दिसंबर को स्वीकार कर ली गई है। विद्वान अधिवक्ता द्वारा ननि के पक्ष में बात रखी जाएगी। नोटिस जारी करने डायरेक्शन दिए गए हैं।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम।

Updated on:
10 Dec 2024 09:30 pm
Published on:
11 Dec 2024 07:28 am
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