ओपन लाइन की जगह जमीन के अंदर डाल रहे पुरानी पाइप लाइन, ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत करने ग्रामीणों ने लगाए आरोप
कटनी/उमरियापान. पानी सप्लाई के लिए बिछाई गई पाइप लाइन से गंदा और बदबूदार पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है। गांव के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। यह समस्या ढीमरखेड़ा के कछारगांव के लोगों की है। ग्रामीणों को शुद्ध पानी देने सरकार पेयजल योजना के तहत गांवों में पाइप लाइन बिछाने व टंकियों का निर्माण कर रही है, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांव के कैलाशचंद जैन, दिनेश जैन, सुभाष जैन, नरेंद्र सिंह बागरी, आशीष जैन, संतोष गडारी, दिलीप सिंह ने बताया कि कछारगांव बड़ा में करीब 15-20 सालों से बंद पड़ी पुरानी पाइप लाइन की रिपेयरिंग कर एक बोर से कनेक्शन कर पानी की सप्लाई की जा रही है। पानी की लाइन से दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। जिससे लोगों को बीमार होने का डर सता रहा है। गांव में 4 चार बोर हो जो भी बंद पड़ी हैं। लोगों को पानी के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है।
लीकेज की भी है समस्या
उपसरपंच विनोद जैन, आशीष जैन, ऋषभ जैन, शेख जुम्मन, अनुज उपाध्याय, सुनील सिंह ने बताया कि गांव में पानी सप्लाई के नई ओपन लाइन बिछाना है। लेकिन ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कछारगांव बड़ा में जमीन के अंदर बिछी पुरानी लाइन की रिपेयरिंग कर अंदर से पानी सप्लाई की जा रही हैं। जमीन के नीचे दबी 15 वर्ष पुरानी पाइप लाइन कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है।जिससे पाइप लाइन का कचरा व नालियों का गंदा पानी जल सप्लाई के दौरान घरों तक पहुंच रहा है। पानी मटमैला व बदबूदार है। सप्लाई शुरू होते ही नलों से मटमैला पानी निकलता है। सप्लाई बंद होने के बाद नालियों में पड़ी पाइप लाइन के लीकेज से दिनभर लाइन में नालियों का गंदा पानी भरता रहता है। पानी सप्लाई शुरू होते ही पहले नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंचता है। इस संबंध में प्रभारी सचिव विकास खरे का कहना है कि गांव में ओपन लाइन का कार्य होना है। विभागीय अधिकारियों द्वारा पुरानी लाइन की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत के हैंडओवर कुछ भी नहीं है।