कटनी

सैकड़ों विद्यार्थियों में निराशा: बोले-सिर्फ पेपर नहीं, हमारा विश्वास भी हुआ लीक, मन में भारी आक्रोश

नीट पेपर लीक ने तोड़े बच्चों के सपने, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल, परीक्षा रद्द होने से बच्चे हताहत, अचानक परीक्षा रद्द होने की खबर ने विद्यार्थियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

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May 13, 2026
Students Disheartened by NEET Paper Leak

कटनी. देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले के बाद परीक्षा रद्द किए जाने से छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। कटनी जिले के करीब एक हजार से अधिक विद्यार्थियों के सपनों और मेहनत पर मानो पानी फिर गया है। वर्षों की तैयारी, मानसिक दबाव और भविष्य की उम्मीदों के बीच अचानक परीक्षा रद्द होने की खबर ने विद्यार्थियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
दुबे कॉलोनी निवासी छात्रा यशिता जैसवानी ने बताया कि उन्होंने 3 मई को जबलपुर में परीक्षा दी थी। पिछले चार दिनों से पेपर लीक की खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन 12 मई को परीक्षा निरस्त होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलती की सजा लाखों मेहनती छात्रों को भुगतनी पड़ रही है। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि बच्चों की मेहनत, विश्वास और सपनों का लीक होना है।

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बच्चों में है तनाव

यशिता ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब एनटीए स्वयं परीक्षा को गंभीर और संवेदनशील बताता है तो फिर सुरक्षा और प्रबंधन में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। उनका कहना है कि परीक्षा दोबारा हो सकती है, लेकिन जो मानसिक तनाव, दबाव और अनिश्चितता छात्र झेलते हैं, उसकी भरपाई संभव नहीं है। छात्रों का कहना है कि नीट जैसी परीक्षा उनके पूरे करियर का आधार होती है। ऐसे में यदि परीक्षा प्रणाली में ही पारदर्शिता और सुरक्षा नहीं रहेगी, तो योग्य विद्यार्थियों को अवसर मिलने में कठिनाई होगी। परीक्षा रद्द होने के बाद अब री-नीट की तैयारी को लेकर भी विद्यार्थियों में असमंजस और तनाव का माहौल है। अभिभावकों ने सरकार और एनटीए से निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

बेहतर परिणाम की थी उम्मीद

कटनी निवासी छात्रा ऋषिका केशरवानी ने कहा कि उन्होंने पिछले दो वर्षों से लगातार मेहनत कर नीट की तैयारी की थी। परीक्षा देने के बाद उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से वह पूरी तरह निराश हो गई हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार परीक्षा होने से छात्रों पर मानसिक दबाव बढ़ता है और भविष्य को लेकर असुरक्षा की भावना पैदा होती है। कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि कई छात्र आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों के बीच तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होना उनके आत्मविश्वास को तोड़ देता है। श्रेया ने मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़

परीक्षार्थी राजकरन रजक ने नीट परीक्षा रद्द होने की खबर पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली अनियमितताओं और परीक्षा रद्द होने जैसी घटनाओं से विद्यार्थियों का मनोबल टूट रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यदि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बडिय़ां सामने आती रहेंगी तो छात्रों का विश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थी सीमित संसाधनों में कठिन मेहनत करते हैं। कई छात्र वर्षों तक कोचिंग और तैयारी में अपना समय और पैसा लगाते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। राजकरन ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि भविष्य में छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

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Updated on:
12 May 2026 07:52 pm
Published on:
13 May 2026 07:47 am
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