कटनी

किसान की अनूठी पहल: बिना दहेज के विवाह कर पेश की मिसाल

खिरहनी में हुआ आयोजन, सैकड़ों की संख्या में लोगों ने किया अभिनंदन
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Updated: 10 Dec 2017, 9:13 PM IST
married without dowry
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कटनी. वर्तमान परिवेश में विवाह बंधन एक व्यवसाय की तरह हो चला है। विवाह में रुपया, जेवरात और वाहनों का न सिर्फ सौदा होता है, बल्कि करोड़ों रुपए समारोह में बेफिजूल फूंके जाते हैं। फिजूल खर्चे को बचाने और समाज में फैले दहेज प्रथा के अभिशाप में जहां बाप के सिर बेटी का बोझ बढ़ा दिया वहीं तमाम बहुएं दहेज उत्पीडऩ की यातना सहने को मजबूर हैं। बड़वारा क्षेत्र के ग्राम विलायतकला निवासी कृषक वीरेंद्र तिवारी ने बेटी विभा व रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी रत्नेश तिवारी के पुत्र सृजनेश ने दहेज प्रथा की कुरीतियों का परित्याग करते हुए विवाह कर समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत किया। इस विवाह समारोह की न सिर्फ लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की बल्कि वर-वधु सहित दोनों ही परिवार का सम्मान करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। इस विवाह समारोह के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी सहित प्रदेशभर के लोग साक्षी बने।

लग्न में सिर्फ एक रूपए
पत्रिका से खास बातचीत में विलायतकला निवासी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि उनका संकल्प है कि वे देश और समाज के कुछ काम आ सकें। हर काम में वे कुछ अनूठा करने का प्रयास करते हैं ताकि समाज को एक सीख मिले। उसी क्रम में बेटी विभा का विवाह तय किया। वह भी दहेज मुक्त। हिंदू धर्म के अनुसार पूजन में दृव्य का होना आवश्यक हैं। इसलिए परंपरा का निर्वहन कर एक रुपए से लग्न का मुहूर्त पूरा किया। रविवार को किडï्स केयर स्कूल तिलक कॉलेज रोड खिरहनी में दिन में विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धूमधाम से विवाह हुआ। वहीं आमंत्रण पत्र को आधार कार्ड की तर्ज पर छपवाकर लोगों इसे बनवाने के लिए प्रेरित करने का अनूठा प्रयास किया है।

समाज में बदलाव लाने का सपना
वीरेंद्र तिवारी का कहना है कि उनका संकल्प समाज में एक बड़ा बदलाव लाना है। कोई भी इंसान दहेज के कारण बेटियों को बोझ न समझे, इस कुरीति को मिटाने के लिए बीड़ा उठाया है। उनका मानना है कि जब स्वयं कुछ अच्छा करेंगे तब समाज में उसे कार्यरूप में परिणित किया जा सकता है। उनका सपना है कि समाज की हर शादी दहेजमुक्त हो और इस पवित्र बंधन को व्यवसाय के अभिशाप से मुक्ति मिले इस संकल्प को पूरा करना है। इसके लिए उन्होंने दहेजमुक्त भारत अभियान भी छेड़ रखा है।

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