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फिर जनादेश लेंगे एमपी के विधायक, समर्थन कम होने पर इस्तीफा देने का किया ऐलान

Sanjay Pathak- भाजपा विधायक ने कहा- जनता से फिर लेंगे जनादेश, संजय पाठक का दावा, 51 प्रतिशत से कम जन समर्थन पर इस्तीफा दे दूंगा
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Apr 06, 2026
Supreme Court Grants Permission to Withdraw SLP in MLA Sanjay Pathak Case
Supreme Court Grants Permission to Withdraw SLP in MLA Sanjay Pathak Case (फोटो सोर्स- social media)

Sanjay Pathak-एमपी के एक विधायक ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि वे फिर जनादेश लेंगे। इतना ही नहीं, यदि जनसमर्थन कम हुआ तो इस्तीफा दे देंगे। विधायक संजय पाठक ने यह ऐलान किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि 51 प्रतिशत से कम जन समर्थन मिला तो अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। विधायक संजय पाठक Sanjay Pathak का कहना है कि उनका दो साल से अधिक का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे फिर जनता के बीच जाएंगे। लोगों से बात करेंगे, उनसे सीधे सवाल पूछेंगे, खुद का मूल्यांकन करेंगे। ज्यादातर लोग उनके पक्ष में राय देंगे तो ही विधायक बने रहेंगे, अन्यथा इस्तीफा दे देंगे। बता दें कि विधायक संजय पाठक अवैध खनन के मामले में घिरे हैं। उनसे जुड़ीं पारिवारिक फर्मों पर अनुमति से अधिक खनन के आरोप हैं।

संजय पाठक विजयराघवगढ़ से विधायक हैं। वे भाजपा के हैं हालांकि पहले कांग्रेस में भी रह चुके हैं। विधायक संजय पाठक ने कैमोर में आयोजित जनसभा में बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा कि यदि जनता उनके कार्यकाल को 51 प्रतिशत से कम समर्थन देती है तो वह तत्काल इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव कराएंगे।

विधायक संजय पाठक का यह बयान तीन दिन पुराना बताया जा रहा है जोकि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने साफ तौर पर नया जनादेश लेने की बात कही है।

बीजेपी विधायक संजय पाठक ने कहा है कि सन 2023 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने जनादेश लिया, जिसमें 1.40 लाख मतदाताओं में से 1 लाख 2 हजार का समर्थन प्राप्त हुआ था। विधानसभा चुनाव में 99 हजार मत प्राप्त हुए। अब दो साल से अधिक का विधायक का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे फिर से जनता के बीच जाकर अपना मूल्यांकन करेंगे। वे अपना कार्य और उपलब्धियां बताकर जनता से सीधे पूछेंगे, उनके काम को कितने नंबर मिलते हैं। यदि 51 प्रतिशत से अधिक लोग उनके समर्थन में आगे आएंगे तो ही वे पद पर बने रहेंगे, अन्यथा विधायक पद से तुरंत इस्तीफा दे देंगे।

पारिवारिक फर्मों के अवैध खनन पर घिरे

भाजपा विधायक संजय पाठक इन दिनों गलत वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। उनसे जुड़ीं पारिवारिक फर्मों पर अनुमति से अधिक खनन के आरोप हैं, कई मामले तो कोर्ट में चल रहे हैं। प्रशासन ने विधायक संजय पाठक से जुड़ी फर्मों पर 443 करोड़ का जुर्माना भी लगाया है। हाल ही में वे तब और विवादों में आ गए जब इसी मामले की सुनवाई कर रहे हाईकोर्ट जज से उन्होंने सीधा संपर्क किया। इसके बाद संबंधित जज ने मामले से दूरी कर ली। इधर हाईकोर्ट ने इस मामले में विधायक संजय पाठक पर आपराधिक अवमानना चलाने के आदेश दिए हैं।

Updated on:
06 Apr 2026 08:08 am
Published on:
06 Apr 2026 08:07 am