
कटनी. आम दिनों में घायलों और बीमारों को प्राथमिक चिकित्सा देते हुए जिला अस्पताल पहुंचाने वाला संजीवनी 108 का स्टॉफ आपदा के समय में भी 24 घंटे सेवा में जुटा है। उनके बीच एकलौती महिला इएमटी उमा देवी पटेल भी पीछे नहीं हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक वे भी कर्मवीर की भांति बीमारों की सेवा में लगी हैं। संक्रमण का खतरा देखते हुए परिवार के सदस्य कई बार उनसे कुछ दिन सेवा में न जाने की बात कह चुके हैं लेकिन उसके बाद भी वे अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटीं और कोरोना संक्रमण के हुए लॉक डाउन में बिना अवकाश के लगातार दूसरे स्टॉफ के साथ सेवा कार्य में जुटी हैं। उनका कहना है कि इस आपदा की स्थिति के बीच जब वह किसी मरीज को अस्पताल तक पहुंचाती हैं तो आत्म संतुष्टि मिलती है कि जिस काम का बीड़ा हमने उठाया है, ऐसे समय भी उसे पूरा कर पा रही हैं।
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सेनेटाइज करने के बाद ही करती हैं प्रवेश
उमा कोरोना के संक्रमण के समय मरीजों को लाने ले जाने के बीच खुद के बचाव के लिए सतर्क रहती हैं। सेवा में दौरान मास्क, सेनेटाइजर, ग्लब्स का उपयोग करने के साथ घर पहुंचने पर भी पहले बाहर स्नान करती हैं और कपड़ों को सैनेटाइज करने के बाद ही घर में प्रवेश करती हैं। 108 के जिला प्रभारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि उनका पूरा स्टाफ आपदा में भी मेहनत के साथ लगातार काम करने में जुटा हुआ है।