6 बड़ी टंकियां का शुरू कराया गया निर्माण, 3000 नए कनेक्शन और बेहतर प्रेशर से दूर होगी पानी की किल्लत, अमृत 2.0 से बदलेगी शहर की तस्वीर, हर घर पहुंचेगा शुद्ध पानी, दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट, 80 फीसदी शहर होगा कवर, नलकूपों पर निर्भरता होगी खत्म
बालमीक पांडेय @ कटनी. शहर जहां हर गर्मी में पानी की एक-एक बूंद के लिए लोगों को जूझना पड़ता था, अब बदलाव की दहलीज पर खड़ा है, सूखे नल, कम प्रेशर और अनियमित सप्लाई की पुरानी परेशानी को पीछे छोड़ते हुए अब एक नई उम्मीद जन्म लेने वाली है, अमृत 2.0 योजना के तहत शुरू हुआ यह जल प्रोजेक्ट सिर्फ पाइपलाइन और टंकियों का निर्माण नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में राहत, भरोसा और सुकून की वापसी का माध्यम बनेगा, ‘पानी की किल्लत’ की जगह ‘हर घर जल की तस्वीर नजर आएगी...।
शहर में कई वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब ठोस और व्यापक स्तर पर काम शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत 52.53 करोड़ रुपए की लागत से वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य शहरवासियों को नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
नगर निगम द्वारा इस कार्य की जिम्मेदारी गुजरात की नवाडिया ब्रदर्श कंपनी को सौंपी गई है, जिसे तय समय सीमा यानी दो वर्षों के भीतर पूरा करना होगा। उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव के अनुसार इस परियोजना के तहत शहर के 30 से अधिक वार्डों में 121 किलोमीटर लंबी नई वितरण पाइपलाइन डाली जा रही है। यह पाइपलाइन घर-घर तक पानी पहुंचाने का मुख्य आधार बनेगी। इसके साथ ही 38 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जो फिल्टर प्लांट से सीधे 6 प्रमुख जल टंकियों तक पानी पहुंचाएगी। इन टंकियों में प्रेशर के साथ फिल्टर किया हुआ पानी भरा जाएगा, जिससे पूरे शहर में बेहतर दबाव के साथ जल आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसके अतिरिक्त 2 किलोमीटर लंबी एक और लाइन इंटकवेल से फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई जा रही है, जिससे कच्चे पानी की आपूर्ति भी व्यवस्थित होगी।
परियोजना के अंतर्गत शहर में 6 विशाल जल टंकियों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी कुल क्षमता 6460 किलोलीटर होगी। ये टंकियां पहरुआ स्कूल (वार्ड 3), रोशन नगर (वार्ड 18), मुक्तिधाम (वार्ड 20), छपरवाह पार्क (वार्ड 34), टिकरिया (वार्ड 37) और झिंझरी पुलिस लाइन (वार्ड 43) में बनाई जा रही हैं। सिविल लाइन क्षेत्र में पुरानी जर्जर टंकी को हटाकर नई टंकी का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे वितरण प्रणाली और मजबूत होगी।
- 45 वार्डों में हो रही पेयजल सप्लाई।
- 23 हजार है शहर में जल उपभोक्ता।
- 24 एमएलडी हर दिन हो रहा पानी सप्लाई।
- 35 एमएलडी पानी सप्लाई की है आवश्कता।
- 2.50 लाख लोगों को पानी पहुंचाने का है लक्ष्य।
- 30 से अधिक वार्ड इस योजना में होंगे कवर।
योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि लगभग 3000 नए नल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार उपभोक्ताओं के आवेदन पर 1500 अतिरिक्त कनेक्शन देने की भी व्यवस्था की गई है। इससे उन इलाकों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां अब तक पाइपलाइन नहीं पहुंच पाई थी या पानी का प्रेशर बेहद कम था। वर्तमान में शहर के कई हिस्से जैसे मूंगाबाई कॉलोनी, छपरवाह, मंगलनगर, विलगवां, शिवाजी वार्ड और पडऱवारा नलकूपों पर निर्भर हैं। इन क्षेत्रों में गर्मी के दौरान जल संकट और अधिक गहराता है। लेकिन इस योजना के पूरा होने के बाद इन इलाकों में भी ट्रीटेड यानी शुद्ध पानी की नियमित सप्लाई शुरू हो जाएगी, जिससे लोगों को राहत मिलेगी और भूजल पर निर्भरता कम होगी।
इस परियोजना की शुरुआत जनवरी 2025 में टेंडर प्रक्रिया के साथ हुई थी और 29 अगस्त 2025 को कार्य अनुबंध किया गया। वर्तमान में विभिन्न स्थानों पर पाइपलाइन बिछाने और टंकी निर्माण का कार्य तेजी से जारी है। इस योजना से शहर के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से को कवर किया जाएगा। पुरानी और जर्जर पाइपलाइन हटने से लीकेज, पानी की बर्बादी और प्रदूषण की समस्या भी खत्म होगी। साथ ही बेहतर प्रेशर के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में भी पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा। कुल मिलाकर, अमृत 2.0 के तहत चल रहा यह प्रोजेक्ट कटनी शहर के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद न केवल जल संकट दूर होगा, बल्कि शहर की जीवन गुणवत्ता, स्वास्थ्य स्तर और शहरी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
अमृत 2.0 के तहत शुरू किया गया यह पेयजल प्रोजेक्ट शहर की सबसे बड़ी जरूरत को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है। 52.53 करोड़ की लागत से वॉटरसप्लाई प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। इससे शहर के अधिकांश क्षेत्रों में नियमित व पर्याप्त पानी की सप्लाई सुनिश्चित होगी। नई पाइपलाइन, टंकियों और कनेक्शनों के जरिए न सिर्फ पानी का प्रेशर बढ़ेगा बल्कि लोगों को शुद्ध पेयजल भी मिलेगा, जिससे जल संकट की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।