
कौशाम्बी. मूरतगंज विकासखंड के भीखमपुर सरवाक़ाज़ी गांव में बुखार से पीड़ित एक युवक की शुक्रवार को मौत हो गई लगभग पंद्रह दिन पहले बुखार से पीड़ित एक किशोरी की भी मौत हो गई थी। गांव में 50 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों में डेंगू बुखार की आशंका से दहशत में हैं। बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीजों का नजदीक के निजी अस्पतालों के अलावा इलाहाबाद के कई निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। दो मौतों के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में टीम भेजकर लोगों का इलाज शुरू करवा दिया।
मूरतगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भीखमपुर के मजरे सरवाक़ाज़ी गांव के लोग डेंगू बुखार की दहशत से खौफजदा हैं। इनका डरना लाजिमी भी है। क्योंकि बुखार से शुक्रवार की रात गांव के नीरज कुशवाहा और पन्द्रह दिन पहले 13 साल की रूबी कुशवाहा की मौत हो चुकी है और कइयों का नजदीकी अस्पतालों व प्रयागराज में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में अभी भी 50 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं।
बुखार से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और आननफानन में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेज अन्य बीमारों की जान बचाने की कवायद शुरू कर दी है। अब तक गांव में 50 से अधिक लोगों के खून के नमूने लिये जा चुके हैं। सीएमओ पी एन चतुर्वेदी का कहना है कि इनमें से एक की भी रिपोर्ट पॉजीटिव नहीं मिली है। बुखार के मरीजों को दवाएं बांटी जा रही हैं।० माना जा रहा है कि गांव में फैली गंदगी के चलते ग्रामीण बीमार हुए हैं। फिलहाल गांव में गंदगी से निपटने के लिए दवाओं का भी छिड़काव शुरू कर दिया गया है।
By Shivnandan Sahu