राम मंदिर निर्माण के लिए बैंगलरू से अयोध्या तक पैदल यात्रा साठ दिन में 1750 किमी की पूरी हुई यात्रा, दो सौ किमी यात्रा कर अयोध्या पहुंचेंगे राम भक्त सिर पर पांच किलो वजनी ईंट लेकर यात्रा कर रहे है दो राम भक्त
कौशाम्बी. सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मंदिर को लेकर चाहे जो फैसला आये लेकिन श्री राम भक्तों की दिली इच्छा यही है कि जन्मभूमि में मंदिर ही बने। कुछ ऐसी ही इच्छा लेकर कर्नाटक के हुडी ग्राम बैंगलोर से दो राम भक्त पदयात्रा पर निकले हैं। राम भक्तों की पैदल यात्रा आज कौशांबी पहुंची। दो महीने में यात्रा 1750 किलोमीटर पूरी हुई है, लगभग दो सौ किलोमीटर की यात्रा अभी बाकी है। सिर पर सीमेंट की ईंट लेकर पदयात्रा पर निकले दोनों श्री राम भक्तों की दिली इच्छा है कि अयोध्या में जन्मभूमि पर प्रभु श्री राम का मंदिर बने। कर्नाटक के बैंगलोर जनपद के हुडी ग्राम से 16 अगस्त को एच एस मंजूनाथ व मंजयएस छबीदी अपने सिर पर सीमेंट की 5 किलो वजनी ईंट रखकर अयोध्या के लिए पदयात्रा पर निकले है। इनके साथ आधा दर्जन सहयोगी भी है, जो एक छोटे वाहन पर चल रहे हैं। वाहन पर भगवान राम और हनुमान की प्रतिमा बनाकर लगाई गई है। यात्रा शुरू होने के साठवें दिन इन राम भक्तों का कारवां कौशांबी पहुंचा। जहां पर स्थानी राम भक्तों ने माला पहनाकर स्वागत किया। पैदल यात्रा कर रहे दोनों भक्तों के सिर पर ईंट रखी हुई है।
जिसके एक तरफ श्री राम लिखा हुआ है तो दूसरी तरफ उनके गांव का नाम लिखा गया है। कर्नाटक से सिर पर ईंट रखकर यात्रा पर निकले एच एस मंजूनाथ का कहना है की वैसे तो सभी राम भक्तों की इच्छा है कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बने लेकिन वह अपने सिर पर ईंट रख पैदल यात्रा करते हुए अयोध्या इसलिए जा रहे हैं कि उन्हें देखकर और भी लोगों के अंदर मंदिर बनाए जाने की ललक जगे। पेशे से व्यवसायी मंजूनाथ व मंजएच का कहना है कि रास्ते भर उन्हें जनता का खूब समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में श्री राम का मंदिर नही बनेगा तो क्या ईरान, इराक में जाकर हम पूजा करेंगे। हमारा हिंदुस्तान, हमारा देश, हमारा मंदिर, हमारा भगवान, हमारे भगवान का जगह नई तो ये कैसा हिंदुस्तान। इस साल दीपावली पर हम सभी हिंदुओ के लिए शुभ संदेश आने वाला है।
हिदुस्तान का सपना साकार होता दिख रहा है। इस बार हिंदुओं की भावना गौरान्वित होगी, मंदिर जरूर बनेगा। एक बार फिर से पुराना नारा दोहराया और कहा कि "राम लला हम आएंगे मंदिर भभ्य बनाएंगे"। ये सपना इस बार साकार होगा।
BY-Shivnandan Sahu