Kawardha News: शासकीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज में प्रबंधन की कथित लापरवाही के चलते कॉलेज की लगभग 25 छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें बदले हुए समय-सारिणी की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई...
CG News: कवर्धा जिले के शासकीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया गर्ल्स कॉलेज में प्रबंधन की कथित लापरवाही के चलते कॉलेज की लगभग 25 छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें बदले हुए समय-सारिणी की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिसके कारण वे निर्धारित समय पर कॉलेज पहुंचीं तो पता चला कि परीक्षा सुबह के सत्र में पहले ही संपन्न हो चुकी है।
पीड़ित छात्राओं में दुर्गा साहू, रिया बंजारे, दामिनी साहू, दिव्या व अन्य ने बताया कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के आधार पर वे दोपहर 3 बजे परीक्षा देने पहुंचीं थीं। कॉलेज पहुंचने पर उन्हें जानकारी मिली कि संबंधित विषय की परीक्षा सुबह आयोजित की जा चुकी है। यह सुनकर छात्राएं स्तब्ध रह गईं।
कई छात्राओं ने बताया कि वे दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आती हैं और परीक्षा की तैयारी के बाद समय पर कॉलेज पहुंचीं, लेकिन प्रबंधन की सूचना व्यवस्था में कमी के कारण उनका एक महत्वपूर्ण पेपर छूट गया। छात्राओं ने कहा कि यदि समय परिवर्तन किया गया था तो इसकी लिखित सूचना, नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट प्रदर्शन, मैसेज या अन्य माध्यमों से व्यक्तिगत जानकारी दी जानी चाहिए थी।
आरोप है कि केवल औपचारिक सूचना देकर प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली, जबकि अधिकांश छात्राओं तक यह जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाई। वहीं कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि बदले हुए टाइम-टेबल की सूचना छात्रों को पूर्व में दे दी गई थी। प्रबंधन के अनुसार सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई थी और प्राध्यापकों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसकी जानकारी साझा की गई थी।
उनका दावा है कि सूचना देने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। घटना के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि एक प्रशासनिक चूक के कारण छात्राओं के भविष्य पर असर पड़ना अनुचित है। कई अभिभावकों ने संबंधित विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप कर पुन: परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में सूचना तंत्र अत्यंत सुदृढ़ होना चाहिए। डिजिटल माध्यम, एसएमएस अलर्ट और सोशल मीडिया ग्रुप जैसे साधनों का उपयोग कर ऐसी स्थिति से बचा जा सकता है। फिलहाल छात्राएं पुनः परीक्षा की मांग को लेकर आवेदन तैयार कर रही हैं और प्रशासनिक स्तर पर समाधान की उम्मीद कर रही हैं। यह मामला शिक्षा संस्थानों में सूचना प्रबंधन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी छात्राओं के हित में क्या निर्णय लेते हैं। नहीं तो छात्रों को पूरक परीक्षा दिलाना ही होगा।
बदले हुए टाइम-टेबल की सूचना छात्रों को पूर्व में दे दी गई थी। प्रबंधन के अनुसार सूचना नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई थी और प्राध्यापकों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में भी इसकी जानकारी साझा की गई थी।सूचना देने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। के तिग्गा, प्राचार्य, विजयाराजे सिंधिया गल्र्स कॉलेज कवर्धा