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CG News: स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर गंभीर आरोप, कौशल परीक्षा और साक्षात्कार में नियमों से हटकर बदलाव, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

Jashpur News: नगर पंचायत कुनकुरी के अध्यक्ष विनयशील द्वारा उठाए गए सवालों के बाद मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर प्रदेशव्यापी चर्चा का विषय बन गया है।

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आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर अनियमितता के आरोप (फोटो सोर्स- पत्रिका)

आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षक भर्ती पर अनियमितता के आरोप (फोटो सोर्स- पत्रिका)

CG News: जशपुर जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की हालिया शिक्षक भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। नगर पंचायत कुनकुरी के अध्यक्ष विनयशील द्वारा उठाए गए सवालों के बाद मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर प्रदेशव्यापी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संविदा भर्ती के दौरान दस्तावेज सत्यापन, लिखित और कौशल परीक्षा तथा साक्षात्कार की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों से हटकर मनमाने बदलाव किए गए। मेरिट सूची में अंकों के निर्धारण और आवंटन को लेकर भी गंभीर अनियमितताओं की आशंका जताई गई है। आरोप है कि कुछ पदों पर साक्षात्कार से पहले और बाद में अभ्यर्थियों के अंकों में असामान्य परिवर्तन दर्ज किए गए, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। जिन विषयों के लिए अंग्रेजी माध्यम में साक्षात्कार निर्धारित था, वहां चयन समिति के सदस्यों तथा चयनित अभ्यर्थियों के माध्यम को लेकर भी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि विज्ञापन में घोषित अंक योजना से भिन्न तरीके से मूल्यांकन किया गया, जिसके कारण योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान और कुछ को अनुचित लाभ मिलने की संभावना बनी। कुछ मामलों में मेरिट सूची में पीछे रहे अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में अधिक अंक देकर आगे कर दिए जाने तथा बेहतर प्रदर्शन करने वालों को पीछे कर दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

डीईओ ने कहा…

इस पूरे मामले के शिकायतकर्ताओं द्वारा जब जशपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर से जानकारी चाही गई, तो उन्होंने इस पूरे प्रकरण के संबंध में किसी प्रकार की जानकारी होने से इंकार किया। समाचार लिखे जाने के पूर्व पत्रिका ने भी डीईओ प्रमोद भटनागर से विभाग का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल फोन पर संपर्क किया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं, तथा जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं। यह प्रकरण अब पारदर्शिता और जवाबदेही की कसौटी बनता नजर आ रहा है।

युवाओं ने पुन: भर्ती की उठाई मांग

विवाद के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से वर्तमान भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर पुन: पारदर्शी तरीके से भर्ती कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि चयन प्रक्रिया पर संदेह बना रहा तो इससे न केवल अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।