कवर्धा

17 मार्च से 8वीं की वार्षिक परीक्षा! उसी समय शिक्षकों की ट्रेनिंग… व्यवस्था पर उठा सवाल

CG News: कवर्धा जिले में वार्षिक परीक्षाओं से ठीक पहले पंडरिया ब्लॉक में आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

2 min read
Mar 07, 2026
17 मार्च से 8वीं की वार्षिक परीक्षा! उसी समय शिक्षकों की ट्रेनिंग... व्यवस्था पर उठा सवाल(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में वार्षिक परीक्षाओं से ठीक पहले पंडरिया ब्लॉक में आयोजित किए जा रहे पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने इस प्रशिक्षण को तत्काल स्थगित करने की मांग करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा के ठीक पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण में भेजना विद्यार्थियों की तैयारी को प्रभावित कर सकता है।

CG News: परीक्षा के समय प्रशिक्षण कार्यक्रम

टीचर्स एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षक प्रशिक्षण से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन प्रशिक्षण के समय को लेकर गंभीर आपत्ति है। लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 17 मार्च से आठवीं की वार्षिक परीक्षा शुरू होने जा रही है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए शिक्षकों की जरूरत विद्यालयों में होती है।जानकारी के अनुसार पंडरिया विकासखंड में सामाजिक विज्ञान और विज्ञान विषय के 111 शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण 5 मार्च से 9 मार्च तक आयोजित किया गया है।

एसोसिएशन का कहना है कि परीक्षा के ठीक पहले इस तरह का प्रशिक्षण आयोजित करना शिक्षा व्यवस्था के लिए व्यावहारिक नहीं है। इससे छात्रों की पढ़ाई और उनकी परीक्षा तैयारी प्रभावित हो सकती है। टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ.रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने इस बात पर सवाल उठाया है कि शिक्षक प्रशिक्षण सत्र के अंतिम चरण में ही क्यों आयोजित किया जा रहा है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि शिक्षा सत्र की शुरुआत 16 जून से होती है। ऐसे में जुलाई से जनवरी तक का समय शिक्षक प्रशिक्षण के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है।

कैसे दे पाएंगे विद्यार्थियों को मार्गदर्शन

वार्षिक परीक्षा विद्यार्थियों के लिए पूरे साल की पढ़ाई का आकलन करने का महत्वपूर्ण समय होता है। ऐसे समय में शिक्षक छात्रों की शंकाओं का समाधान करते हैं उन्हें अभ्यास कराते हैं और परीक्षा की रणनीति समझाते हैं। लेकिन यदि शिक्षक प्रशिक्षण में व्यस्त रहेंगे तो विद्यार्थियों को पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिल पाएगा।

संगठन का मानना है कि इससे छात्रों के परिणामों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में मिडिल स्कूलों के शिक्षकों को पांच दिन के प्रशिक्षण में भेजना शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं माना जा रहा है।

Updated on:
07 Mar 2026 05:13 pm
Published on:
07 Mar 2026 05:12 pm
Also Read
View All

अगली खबर