कवर्धा

टाइगर रिजर्व कॉरीडोर के विरोध में आदिवासियों की रैली पर प्रशासन ने लगाई रोक, फूटा गुस्सा

पंडरिया वनांचल में भी टाइगर रिजर्व कॉरीडोर के विरोध में स्वर फूटे। लेकिन इस स्वर को दबाव शासन-प्रशासन पूरा जो लगा रही है।
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Mar 17, 2018
Tiger reserve corridor news

कवर्धा. छत्तीसगढ़ के बोड़ला के बाद पंडरिया वनांचल में भी टाइगर रिजर्व कॉरीडोर के विरोध में स्वर फूटे। लेकिन इस स्वर को दबाव शासन-प्रशासन पूरा जो लगा रही है। तभी तो ग्रामीणों द्वारा निकाले गए पदयात्रा के प्रमुख लोगों को पुलिस ने उठा लिया। पंडरिया ब्लाक के सुदूर वनांचल गांव बाहपानी से टाइगर रिजर्व कॉरीडोर के विरोध में 47 किमी की पदयात्रा शुरु होने वाली थी।

इसके लिए बैगा-आदिवासी महिला-पुरुष खाने पीने का सामान लेकर रैली निकालने की तैयारी थी। शनिवार की करीब 12 बजे गांव बचाओ समिति की पदयात्रा शुरू होने ही वाला था उसी समय एसडीओपी नरेंद बेंताल, वनविभाग के एसडीओ एनएल सिदार, नायब तहसीलदार विनोद बंजारे अपने अमले के साथ रैली स्थल पहुंचे।

यहां पर उन्होंने आंदोलन कर रहे लोगों पर रैली निकालने की अनुमति नहीं है कहकर दबाव बनाया गया। नहीं मानने पर पुलिस ने कार्यकम के संयोजक नरेश बुनकर, कृष्णा परस्ते, समिति अध्यक्ष रतिराम और महाराष्ट्र की स्वतंत्र पत्रकार पूर्वी कुलकर्णी को कुकदूर थाने ले गए। उनसे कहा गया कि यदि वह आंदोलन करेंगे तो प्रशासन द्वारा उनपर कार्रवाई करेगी।

कांग्रेस व जोगी कांग्रेसियों ने बनाया दबाव
गिरफ्तारी की खबर आग की तरह जिले में फैल गई। इसके बाद कांग्रेस के नेता नीलू चन्द्रवंशी, जिला महासचिव मनीष शर्मा, ललित धुर्वे और जोगी कांग्रेस के अध्यक्ष आनंद ठाकुर, शिव गायकवाड़ सहित कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कुकदूर थाना पहुंचे। वहां पर उन्होंने पुलिस व वन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी गई यदि वह आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं को नहीं छोड़े, तो पंडरिया बंद कर मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

एसडीओ ने लिखकर दिया
कांग्रेस व जोगी कांग्रेसियों के आंदोलन की चेतावनी के बाद वन विभाग के एसडीएम एनएल सिदार ने लिखित में जवाब दिया कि टाइगर रिजर्व कॉरीडोर नहीं बनाया जा रहा है। इसके बाद आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं को छोड़ा गया। वन विभाग अधिकारी अपने वाहन से स्वयं इन लोगों को रैली स्थल तक छोडऩे बाहपानी गए।

दो दिन में पहुंचेंगे पंडरिया
गांव बचाओ पदयात्रा शनिवार को बाहपानी से शुरु हुई। इसमें करीब 200 से अधिक बैगा-आदिवासी शामिल है। इसके बाद इनका अलगा पड़ाव कुकदूर रहेगा। 47 किलोमीटर की यात्रा कर पंडरिया पहुंचेंगे। 19 मार्च को पंडरिया के गांधी मैदान में बैगा सम्मेलन आयोजित की जाएगी। यहां पर 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद की जाएगी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

Published on:
17 Mar 2018 08:13 pm