कवर्धा

इस शहर की काली सच्चाई, 365 दिन में 328 महिलाओं के साथ हुए रेप, हत्या जैसी वारदात

बड़े ही उत्साह के साथ सभी ने वर्ष 2017 का स्वागत किया था, लेकिन इस वर्ष यानी 2017 महिलाओं के लिए संघर्षपूर्ण रहा है। ये है इस शहर की काली सच्चाई।
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Dec 31, 2017
Atrocities with 328 women
इस शहर की काली सच्चाई, 365 दिन में 328 महिलाओं के साथ हुए अत्याचार

दीपक ठाकुर/कवर्धा. नए वर्ष आते ही सभी उत्साह के साथ स्वागत करते हैं, लेकिन समाज को आगे बढ़ाने वाली महिलाओं के लिए सालभर का समय कैसा होगा यह सोचने वाली बात है। क्योंकि वर्ष 2017 जिले की महिलाओं के लिए संघर्षपूर्ण रहा है। जी हां, जिले में महिलाओं के साथ हो रहे अपराध व अत्याचार के मामले बढ़़ते जा रहे हैं। बड़े ही उत्साह के साथ सभी ने नए वर्ष का स्वागत किया था, लेकिन इस वर्ष यानी 2017 महिलाओं के लिए संघर्षपूर्ण रहा है।

विभिन्न मामले में करीब 328 महिलाओं पर अत्याचार हुए जिसके लिए अपराध दर्ज किया गया। इसमें कई गंभीर मामले भी सामने आए। वहीं महिला संरक्षण विभाग की अधिकारी नितिका डड़सेना ने बताया कि इस वर्ष 29 केस दर्ज किया गया है। इसमें से एक दर्जन केस महिला प्रताडऩा व दहेज के मामले रहे।

इसी प्रकार सखी वन स्टॉप सेंटर में एक वर्ष में 46 केस दर्ज किए हैं, जिसमें से सभी केस सुलझा लिए गए हैं। इसी प्रकार महिला सेल की बात करें तो यहां पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 30 केस मिले, जिसमें 29 मामले सुलझा लिए गए हैं, वहीं अन्य थानों से 35 केस मिले हैं। इसमें 32 केस सुलझा लिए गए हैं जबकि तीन केस पर जांच चल रही है। वहीं महिला सेल को सीधे 135 मामले मिले जिसमें 132 सुलझा लिया गया है जबकि 3 की जांच चल रही है।

दुष्कर्म, अपहरण के मामले भी सामने आए
वर्ष 2017 महिला प्रताडऩा, मर्ग व अन्य क्राइम के अलावा शीलभंग के 51, दुष्कर्म के 34, अपहरण के 44, दहेज प्रताडऩा के 10 व दहेज प्रताडऩा से 2 की मौत तक हो चुकी है। वहीं आत्महत्या के लिए प्रेरित किए जाने के 3 सहित टोनही प्रताडऩा का 1 केस दर्ज किया गया। इस प्रकार जिले में महिलाओं के साथ सभी प्रकार के क्राइम हो रहे हैं। ये तो थानों में दर्ज मामले है। इससे कई मामले तो सामने भी नहीं आ पाते।

199 महिलाओं की हुई मौत
2017 में करीब 199 महिलाओं की मौत ही हो गई। इसमें कई महिलाओं ने प्रताडऩा से तंग आकर मौत को गले लगा लिया तो कई की मौत विभिन्न कारणों से हुई। महिलाओं के साथ प्रताडऩा दहेज हो या अन्य मामले में प्रताडऩा की गई। वहीं आवेश में आकार वर्ष 2017 में 9 महिलाओं की हत्या तक कर दी गई। इसी प्रकार 2 महिलाओं की मौत दहेज प्रताडऩा से हुई है। जबकि 4 महिलाओं पर हत्या का प्रयास भी किया गया है। वहीं मारपीट के मामले में 133 महिलाएं चोटिल हुईं।

265 महिला हुए गायब
वर्ष 2017 के 365 दिन में करीब 265 बालिका व महिलाएं गुम हुई। इसमें से अब तक पुलिस द्वारा 123 बालिका व महिलाओं को ढूंढ निकाला गया। गुम इंसान में करीब 115 महिला है जिसमें से 84 मिल चुकी है, वहीं 31 महिला की पतासाजी किया जा रहा है। इसी प्रकार 48 बालिका गुम हुई, जिसमें से 39 बालिका को ढूंढा जा चुका है जबकि 9 बालिकाओं की पतासाजी किया जा रहा है।

Updated on:
01 Jan 2018 10:07 am
Published on:
31 Dec 2017 06:31 pm