
कवर्धा . छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में अस्पतालों के बहार कचरा फेंका जा रहा है जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा है। यूं तो अस्पतालों में मरीज इलाज कराने जाते हैं, लेकिन यहां उन्हें बीमारियां परोसी जा रही है। जी हां, शहर के शासकीय जिला अस्पतालों के बाहर मेडिसीन कचरों के ढेर को देखकर तो यही लगता है। मेडिसीन कचरा निष्पादन को लेकर अस्पताल प्रबंधन को सुध नहीं है, जिसके चलते बीमारियां फैलने का खतरा है।
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में मेडिकल वेस्ट को लेकर बेहद लापरवाही सामने आ रही है। बेशक अस्पताल में मरीजों को इलाज सुविधाएं मिल रही है, लेकिन यहां अच्छे खासे लोगों के बीमार होने का डर है। दरअसल मेडिकल वेस्ट के निष्पादन के लिए अस्पताल में सुविधा नहीं है। लिहाजा जिला अस्पताल के पीछे मेडिसीन कचरों को फेंका जा रहा है।
स्वस्थ्य इंसान को भी हो सकती है बीमारी
आए दिन यहां दवाईयों की शीशी, इंजेक्शन, बॉटल के कचरों का ढेर लगा है, जो हवा में मिलकर संक्रमण फैला रहे हैं। यदि मेडिसीन कचरों से संक्रमण फैलता है, तो स्वस्थ्य इंसान भी बीमारी की चपेट में आ जाएगा।
मेडिकल वेस्ट के दुष्प्रभाव से न सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीज बल्कि परिजन भी कतई सुरक्षित नहीं है। अस्पताल भवन के पीछे ही मरीजों के परिजन खुद के लिए भोजन तैयार करते हैं। मेडिकल वेस्ट की दुर्गंध हवा में तैरती रहती है, जिससे परिजनों द्वारा तैयार किए जा रहे भोजन पेट भरने के बजाय बीमार करने वाले हो सकते हैं। शायद यही वजह है कि अस्पताल में साक्षा चूल्हा योजना सार्थक नहीं हो सकी।