CG Police: कवर्धा जिले में ऑपरेशन मुस्कान अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसमें गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए सतत प्रयास जारी है।
CG Police: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में ऑपरेशन मुस्कान अभियान का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इसमें गुमशुदा बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए सतत प्रयास जारी है। ऑपरेशन मुस्कान न केवल पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों की स्थापना का एक बेहतरीन उदाहरण भी है।
कबीरधाम पुलिस ने इस अभियान को केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए इसे एक मानवीय दायित्व के रूप में लिया। हर गुमशुदा बच्चे की खोज में पुलिस ने परिवारों की भावनाओं को समझते हुए संवेदनशीलता का परिचय दिया। गुमशुदा बच्चों को खोजने के लिए पुलिस ने अपने प्रयास केवल कबीरधाम जिले या छत्तीसगढ़ राज्य में सीमित नहीं रखे। बल्कि तमिलनाडु, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश राजस्थान जैसे दूरस्थ राज्यों तक टीमें भेजी गई।
सतर्कता और मेहनत से बच्चों को खोजा गया और उन्हें सुरक्षित वापस लाया गया। यह कार्य पुलिस बल की दृढ़ इच्छाशक्ति और उत्कृष्ट टीम वर्क का परिचायक है। जिले में 1 जनवरी 2024 से 15 दिसंबर तक कुल 131 बच्चे जिसमें 17 बालक और 114 बालिकाएं गुमशुदा होने के मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस की योजनाबद्ध और प्रभावी कार्यप्रणाली के चलते 17 बालक और 102 बालिकाओंकुल मिलाकर 119 बच्चों को सुरक्षित खोजकर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। वहीं 12 बच्चियों की खोजबीन जारी है।
ऑपरेशन मुस्कान हमारी पुलिस टीम की कर्तव्यनिष्ठा और मानवता के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह सफलता हमारे संगठित प्रयासों और नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। कबीरधाम पुलिस का यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा ताकि हर गुमशुदा बच्चा अपने परिवार से जल्द मिल सके। धर्मेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक कबीरधाम
बच्चों की वापसी पर उनके परिजनों ने राहत और खुशी व्यक्त की। कई परिवारों ने पुलिस की मेहनत को सराहते हुए इसे एक नई आशा का प्रतीक कहा। उनके चेहरे पर खुशी और धन्यवाद के भाव पुलिस की लगन और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस सफ लता ने पुलिस व समाज के बीच विश्वास को और गहरा किया है। यह साबित हुआ है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता देती है।
इस अभियान की सफलता में साइबर सेल की विशेषज्ञ टीम और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मेहनत है। साइबर सेल ने आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर बच्चों की लोकेशन ट्रेस किए। वहीं फील्ड टीमों ने विभिन्न राज्यों में जाकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सफ लता हासिल की। अन्य राज्यों में कई तरह की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। बावजूद बच्चों को ढूंढ निकाला।