क्टर व नर्स की बड़ी लापरवाही सामने आई है
कवर्धा . छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के जिला अस्पताल में डॉक्टरों की मनमानी नहीं थम रही है। उच्च अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने का नतीजा मरीजों मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में समय देकर नर्स व डॉक्टर ही महिलाओं को नसबंदी (टीटी) करने तिथि देते हैं। महिला व परिवार के लोग पूरी तैयारी के साथ टीटी ऑपरेशन कराने पहुंचते हैं। लेकिन यहां डॉक्टर व नर्स मना कर वापस भेज देते हैं। इससे महिलाओं को काफी परेशानी होती है। 10 दिन पहले ही डॉक्टर व नर्स की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। जिसमें परिवार के लोगों को ही महिला की डिलवरी जिला अस्पताल में करानी पड़ी थी। मामला शांत भी नहीं हुआ कि एक गर्भवति महिला व एक टीटी ऑपरेशन कराने आई महिला को नर्स व डॉक्टर द्वारा भगा दिया गया। इससे परिवार के लोग अधिक नाराज है।
ग्राम धमकी से रेखा पति गनेश साहू ने को 29 जून को टीटी ऑपरेशन के लिए समय दिया गया था, लेकिन 29 को डॉक्टरों ने टीटी करने से मना कर दिया और 14 जुलाई का डेट दिया गया था। रेखा 14 जुलाई को जिला अस्पताल पहुंची तो नर्सों ने उसे ऑपरेशन के लिए तैयार कर लिया। यहां तक कि महिला की चूड़ी को भी तोड़वा दिया। लेकिन अचानक डॉक्टर व नर्स ने ऑपरेशन नहीं होगा कहकर भगाने लगे। इससे महिला रोने लगी। इसकी शिकायत अस्पताल अधीक्षक से की, लेकिन अधीक्षक ने भी उसे भगा दिया। इससे महिला रोते हुए वापस गई।
प्रतिदिन जिला अस्पताल में महिला टीटी ऑपरेशन के लिए पहुंच रहे हैं। इसके कारण डॉक्टर ऑपरेशन के लिए तिथि देकर वापस भेज देते हैं। लेकिन महिलाओं को जो समय दिया जाता है, उस तिथि पर भी ऑपरेशन नहीं कर रहे हैं। सिलोचनी पति मनोज चंद्रवंशी, श्याम बाई पति रामा साहू सहित करीब 10 लोगों को टीटी ऑपरेशन न कर भगा दिया और सीधे एक माह बाद बुलाया गया।
आज भी महिलाएं ही क्यों नसबंदी करा रहे हैं। पुरुष को भी कराना चाहिए। आज कल केवल टीटी ही कराना चाहिए हैं। जबकि कॉपर-टी, दवाई सहित कई उपाय है जिसका उपयोग किया जा सकता है। पुरुषों को भी ऑपरेशन कराना चाहिए। इसके लिए महिलाओं को भगाया जा रहा है। एक ही डॉक्टर होने के कारण भी ऑपरेशन कम होते हैं, लेकिन महिलाएं अधिक ऑपरेशन के लिए आती है। जिसके कारण उन्हें ही परेशानी होती है। वहीं जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसआर चुरेंद्र ने कहा कि जरुरी नहीं एक दिन में सभी का ऑपरेशन हो सके। समय देकर ऑपरेशन किए जाते हैं।