CG News: सहकारी शक्कर कारखाना के निजीकरण किए जाने विरोध में किसानों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
CG News: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना के निजीकरण किए जाने विरोध में किसानों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।सरकार द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर को निजी क्षेत्र में देने की योजना बनाई जा रही है।
भारतीय किसान संघ और जिले के समस्त किसान, कारखाने में कार्यरत समस्त कर्मचारी कारखाने के निजीकरण का विरोध करते हैं। किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना जिसने अनेक बार पूरे देश में सर्वाधिक शक्कर रिकवरी का रिकॉर्ड बनाकर जिले और प्रदेश का मान बढ़ाया है।
जिले के किसानों के आर्थिक, सामाजिक उन्नति का आधार बना है। इसे यदि निजी हाथों में दिया जाता है, तो वह एक किसानों का शोषण का साधन बन कर रह जाएगा। किसानों का कहना है कि पूरे देश में सहकारी समितियों की संया बढ़ाई जा रही है। उन्हें सशक्त किया जा रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यदि सहकारी क्षेत्र के कारखाने को निजी क्षेत्र में बेचा जाता है तो यह केंद्र सरकार के नीति के विपरीत माना जाएगा।
जिले में गन्ने की आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को गन्ने की आधुनिक खेती का प्रशिक्षण आदि का कार्य कारखाने द्वारा समय समय पर कराया जाता है। जिले में अधिक उपज और अधिक शक्कर रिकवरी वाले गन्ना वैरायटी को किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही किसानों को कम रेट पर खाद भी उपलब्ध कराया जाता है। इस तरह से सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा किसानों के हित में अनेक कार्य किए जा रहे हैं।
कबीरधाम जिले में गन्ने का कुल उत्पादन लगभग 25 लाख टन है। इसमें से 40 प्रतिशत गन्ने की पेराई जिले के दोनों शक्कर कारखाना में होता है। जहां किसानों को गन्ने का लाभकारी मूल्य मिलता है। बचत 60 प्रतिशत गन्ने की पेराई जिले में स्थित निजी गुड़ उद्योगों में होता है। इस 60 प्रतिशत गन्ने के मूल्य को लाभकारी स्तर पर बनाए रखने में सहकारी शक्कर कारखाना का महत्वपूर्ण भूमिका है।