
क्राइम की सांकेतिक फोटो
CG News: मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के क्रियान्वयन में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के मामले में शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी नरेश कुमार वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए हैं।
सेवा प्रदाता कंपनी पर लगाए गए 25 लाख 91 हजार 500 रुपए के अर्थदंड की वसूली नहीं करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय नवा रायपुर अटल नगर ने इस संबंध में नगर पालिका परिषद कवर्धा को पत्र जारी कर तत्काल थाने में मामला दर्ज कर विभाग को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण उस समय का है जब नरेश कुमार वर्मा कवर्धा नगर पालिका परिषद में प्रभारी सीएमओ के साथ-साथ कबीरधाम जिला अरबन पब्लिक सर्विस सोसायटी के नोडल सचिव के रूप में कार्यरत थे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालन से जुड़ी सेवा प्रदाता कंपनी पर विभिन्न अनियमितताओं के चलते आर्थिक दंड लगाया गया था। जांच में पाया गया कि कंपनी पर 25.91 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया था लेकिन इस राशि की वसूली नहीं की गई। इसे प्रशासनिक दायित्वों की अवहेलना और गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखते हुए तत्कालीन प्रभारी सीएमओ को इसके लिए उत्तरदायी माना गया।
राज्य शहरी विकास अभिकरण ने जून 2025 में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए नरेश वर्मा के खिलाफ 20 लाख 80 हजार 880 रुपए की राशि वेतन से वसूलने का आदेश जारी किया था। इसके बाद प्रकरण की विस्तृत जांच कराई गई। विशेषज्ञ टीम द्वारा किए गए परीक्षण और दस्तावेजों के अध्ययन के बाद दिसंबर 2025 में शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि सेवा प्रदाता कंपनी पर लगाए गए अर्थदंड की पूरी राशि वसूल नहीं की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपसचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार उक्त तथ्यों को गंभीर मानते हुए छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नरेश कुमार वर्मा (मूल पद लेखापाल) जो उस समय कवर्धा में प्रभारी सीएमओ थे और वर्तमान में बेमेतरा में प्रभारी सीएमओ के रूप में पदस्थ थे उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य नगर पालिका सेवा (भर्ती तथा सेवा शर्तें) नियम 2017 के तहत निलंबित कर दिया।
इसके कुछ दिन बाद ही संचालनालय द्वारा जारी पत्र में नगर पालिका परिषद कवर्धा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण में तत्काल थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य शहरी गरीब और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय अनियमितता और अर्थदंड की राशि की वसूली नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच पुलिस करेगी, जबकि विभागीय स्तर पर भी इस प्रकरण की निगरानी जारी है।
Updated on:
12 Mar 2026 05:17 pm
Published on:
12 Mar 2026 04:36 pm
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