
गैस (photo-patrika)
LPG Crisis: अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर कवर्धा जिले में उत्पन्न हो रही चिंताओं के बीच होटल-रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस पर रोक दी गई है। वहीं कहा गया है कि घरेलू सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है लेकिन 25 दिन के बाद ही अगली बुकिंग हो सकेगी।
पिछले कुछ दिनों से गैस आपूर्ति को लेकर जिले में तरह-तरह की अफ वाहें फैलने लगी थीं, जिसके चलते कई उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की कोशिश कर रहे थे। इससे वितरण व्यवस्था पर दबाव बढऩे की आशंका बन गई थी। इसी स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने एजेंसियों के साथ बैठक कर स्पष्ट रणनीति तय की है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में जिले के सभी गैस एजेंसी संचालकों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक लेकर गैस वितरण व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है लेकिन किसी भी तरह की अव्यवस्था या जमाखोरी को रोकने के लिए कुछ नियंत्रणात्मक कदम उठाए गए हैं। इसी के तहत फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। कमर्शियल गैस केवल अस्पताल, छात्रावास, आश्रमों और आंगनबाड़ी केंद्रों जैसे आवश्यक संस्थानों को ही उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने गोदाम में कम से कम तीन दिन के औसत बिक्री के बराबर एलपीजी सिलेंडर का स्टॉक अनिवार्य रूप से रखें। इसके साथ ही कंपनियों को नियमित रूप से इंडेंट भेजने और जैसे ही एक लोड का डिस्पैच होए तुरंत अगला इंडेंट लगाने को कहा गया है ताकि आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी न आए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को घरेलू गैस सिलेंडर भी नहीं दिए जाएंगे। कलेक्टर ने एजेंसी संचालकों को चेतावनी दी कि यदि किसी होटल या रेस्टोरेंट को घरेलू सिलेंडर की रिफि लिंग दी गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी मदन मोहन साहू और अनिल वर्मा, इंडियन ऑयल के जिला नोडल अधिकारी पंकज चेतिजा, गैस एजेंसी संचालक, होटल-रेस्टोरेंट संचालक उपस्थित रहे।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी कुछ नियम तय किए गए हैं। अब उपभोक्ता पिछली रिफि लिंग की तारीख से 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेंगे। यह बुकिंग केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ही की जा सकेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे अनावश्यक बुकिंग और जमाखोरी पर रोक लगेगी तथा जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की अफ वाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही सिलेंडर की बुकिंग करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है और आम उपभोक्ताओं को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
गैस आपूर्ति की कमी शिकायतें भी सामने आने लगी हैं। शिकायतों में प्रमुख रुप से एक सप्ताह के बाद भी सिलेण्डर की सप्लाई नहीं होने की सबसे अधिक है। इसके अलावा पर्ची पहले ९३२ में काटे जाने और फिर दर बढऩे पर पर्ची को निरस्त कर नया पर्ची ९९२ रुपए का बनाए जाने की मिल रहा है। जबकि दर कम होने पर इस तरह पर्ची निरस्त नहीं किया जाता।
वहीं गंभीर शिकायत यह भी है कि गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं के हिस्से का सिलेण्डर ब्लैक में होटल, रेस्टोरेंट सहित अन्य स्थानों पर दिया जाता है। सालाना जहां उपभोक्ताओं को औसत रुप से १२-१३ सिलेण्डर की आवश्यकता होती होती है लेकिन उपभोक्ताओं के रिकार्ड में १६ सिलेण्डर रिफलिंग दर्ज है।
Updated on:
12 Mar 2026 04:48 pm
Published on:
12 Mar 2026 04:48 pm
