
सांकेतिक फोटो
Weather Update: भीषण गर्मी के साथ अब कवर्धा में एक और अदृश्य खतरा तेजी से बढ़ रहा है। सूरज की तेज किरणों के साथ पराबैगनी विकिरण (अल्ट्रावायलेट रेज) का स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। रविवार को यह स्तर 11 तक पहुंच गया, जिसे विशेषज्ञ बेहद गंभीर मानते हैं। आने वाले दिनों में इसके और बढ़कर 12 से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच रविवार को इस साल का सबसे गर्म दिन भी दर्ज किया गया जब अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा। तेज धूप और बढ़ते यूवी विकिरण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार पराबैगनी विकिरण का स्तर 10 तक सामान्य माना जाता है लेकिन 10 से 12 के बीच यह खतरनाक हो जाता है। वहीं 12 से अधिक होने पर इसे बेहद घातक श्रेणी में रखा जाता है। कवर्धा में रविवार को यूवी इंडेक्स 11 दर्ज किया गयाए जो खतरे के निशान पर है। इससे पहले रविवार को यह स्तर और भी अधिक दर्ज किया गया था जो अत्यधिक चिंताजनक संकेत है। जिला मुख्यालय के साथ ही आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी यही स्थिति बनी हुई है।
अल्ट्रावायलेट या पराबैगनी विकिरण सूर्य से आने वाली एक प्रकार की विद्युत-चुंबकीय तरंगें हैं जिनकी तरंगदैघ्र्य दृश्य प्रकाश से कम होती है। यह विकिरण पृथ्वी तक पहुंचने वाली सौर ऊर्जा का हिस्सा है जो सामान्य स्तर तक तो सहनशील होती है लेकिन अधिक होने पर शरीर के लिए बेहद हानिकारक साबित होती है।
डॉक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि यूवी विकिरण का अधिक स्तर शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इसके कारण त्वचा झुलसना, त्वचा पर लाल चकत्ते और जलन, आंखों में जलन और संक्रमण, लंबे समय में स्किन कैंसर का खतरा रहता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार और लंबे समय तक इस विकिरण के संपर्क में रहने से त्वचा की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं जो आगे चलकर गंभीर बीमारियों का कारण बनती हैं।
इस वर्ष कवर्धा में गर्मी ने जल्दी ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान 43 डिग्री तक पहुंचने के साथ ही यूवी विकिरण का स्तर भी तेजी से बढ़ा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगर इस समय सावधानी नहीं बरती गई।
Updated on:
27 Apr 2026 08:28 pm
Published on:
27 Apr 2026 08:28 pm
