25 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्लीनिक की आड़ में सट्टा कारोबार! पुलिस ने तोड़ी बड़ी चेन, रायपुर से दबोचा गया मुख्य सरगना

Digital Satta Network: छत्तीसगढ़ में आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कबीरधाम में एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

2 min read
Google source verification
ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क (photo source- Patrika)

ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क (photo source- Patrika)

Digital Satta Network: छत्तीसगढ़ में आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जिलों में संचालित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कबीरधाम और रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब सट्टा कारोबार पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो चुका है, जिसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन असंभव नहीं।

कबीरधाम में ऑनलाइन सट्टा संचालित करते आरोपी की गिरफ्तारी

कबीरधाम पुलिस ने थाना कवर्धा क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि बस स्टैंड स्थित एक क्लीनिक में सट्टा संचालित हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वीरस्तंभ चौक से गवाहों को साथ लेकर मौके पर दबिश दी।

वहां मौजूद व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम नीलकमल अधिकारी (43), निवासी मुर्शीदाबाद (पश्चिम बंगाल) और वर्तमान में प्रोफेसर कॉलोनी कवर्धा में रहने वाला बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न आईडी के जरिए आईपीएल मैचों में हार-जीत और हर ओवर पर दांव लगवा रहा था। पुलिस ने मोबाइल से स्क्रीनशॉट और डिजिटल साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है।

रायगढ़ में हाई-टेक सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़

वहीं रायगढ़ पुलिस ने भी एक बड़े डिजिटल क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसका संचालन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना देव बंसल को रायपुर से गिरफ्तार किया है। दरअसल, इस पूरे नेटवर्क की कड़ी 16 फरवरी को जुड़ी, जब चक्रधर नगर पुलिस ने बोईरदादर स्थित एक उद्योग में छापेमारी कर विकास अग्रवाल और विनय अग्रवाल को रंगे हाथों पकड़ा था।

पूछताछ में खरसिया निवासी गगन अग्रवाल का नाम सामने आया। गगन की गिरफ्तारी के बाद तकनीकी जांच के जरिए पुलिस इस नेटवर्क के मुख्य संचालक देव बंसल तक पहुंची। पुलिस ने रायपुर स्थित उसके फ्लैट पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

Digital Satta Network: मोबाइल से खुले सट्टा कारोबार के राज

मुख्य आरोपी देव बंसल के पास से जब्त किए गए आईफोन 16 प्रो की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस को मोबाइल में ऑनलाइन लेनदेन के रिकॉर्ड, सट्टेबाजी से जुड़े चैट, और अलग-अलग राज्यों की यात्रा से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इससे साफ हुआ कि यह नेटवर्क केवल एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था और पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हो रहा था।

डिजिटल प्लेटफॉर्म बना सट्टेबाजी का नया अड्डा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब सट्टेबाज पारंपरिक तरीकों को छोड़कर सोशल मीडिया, ऐप्स और फर्जी आईडी के जरिए सट्टा चला रहे हैं। इससे उनका नेटवर्क तेजी से फैलता है और पकड़ में आना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, साइबर तकनीक और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ऐसे नेटवर्क तक पहुंचने में सफल हो रही है।

पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध जुआ और सट्टेबाजी से दूर रहें। साथ ही, अगर कहीं भी इस तरह की गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि आईपीएल के दौरान इस तरह की अवैध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है और आगे भी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।